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भगवान जगन्नाथ के दर्शन करें, दूर होंगी सभी परेशानियां, मनोकामना पूर्ति होगी: पंचांग

भगवान जगन्नाथ के दर्शन करें, दूर होंगी सभी परेशानियां, मनोकामना पूर्ति होगी: पंचांग  

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lord jagannath rath yatra darshan pujan muhurat with panchang

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जबलपुर। शुभ विक्रम संवत् : 2077, संवत्सर का नाम : प्रमादी, शाके संवत् : 1942, हिजरी संवत् : 1441, मु.मास : जिल्काद 01, अयन : उत्तरायण, ऋतु : ग्रीष्म ऋतुु , मास : आषाढ़ , पक्ष : शुक्ल पक्ष,
तिथि - सूर्योदय से प्रात: 11.19 मि. तक भद्रा संज्ञक द्वितीया तिथि रहेगी पश्चात जया संज्ञक तृतीया तिथि लगेगी। द्वितीया को ब्रह्मा की पूजा करके ब्रह्मचारी ब्राह्मण को भोजन कराने से मनुष्य सभी विद्याओं में पारंगत हो जाता है। तृतीया तिथि में धन के स्वामी कुबेर का पूजन करने से मनुष्य निश्चित ही विपुल धनवान बन जाता है तथा क्रय-विक्रयादि व्यवहार में उसे अत्यधिक लाभ होता है।
योग- सूर्योदय से प्रात: 11.01 मि. तक धु्रव योग रहेगा पश्चात व्याघात योग लगेगा। धु्रव योग के स्वामी भूमिदेवी मानी गई है जबकि व्याघात योग के स्वामी वायुदेव माने जाते हैं।
विशिष्ट योग- धु्रव योग को बेहद शुभ योग माना जाता है। इसमे कोई भी शुभ कार्य कर सकते हैं। व्याघात योग अशुभ योग हैं इसमे कार्य की शुरुआत करने के लिए प्रथम 03.12 मि. के समय का त्याग करना जरूरी है।
करण- सूर्योदय से प्रात: 11.19 मि. तक कौलव नामक करण रहेगा पश्चात तैतिल नामककरण लगेगा। इसके पश्चात गर नामक करण लगेगा।
नक्षत्र- सूर्योदय से दोप. 01.32 मि. तक चर चल पुनर्वसु नक्षत्र रहेगा पश्चात क्षिप्र लघु पुष्य नक्षत्र लगेगा। मकान, दुकान, मठ, मंदिर, रेललाइन, गुफा, छत, कुआं, सडक़ और जल संबंधी कार्य पुनर्वसु एवं पुष्य दोनों नक्षत्र में करना शुभ रहता हैं। नए-पुराने वाहनों का क्रय-विक्रय, वाहन के उपयोग, वाहन के संचालन, वाहन से यात्रा करने या सवारी आदि के लिए पुष्य नक्षत्र शुभ माने गए हैं।

IMAGE CREDIT: patrika

आज के मुहूर्त - अनुकूल समय में दक्षिण दिशा की व्यवसायिक यात्रा करने के लिए शुभ मुहूर्त है।
चौघडिय़ा के अनुसार समय - प्रात: 09.05 मि. से दोप. 02.07 मि. तक क्रमश: चंचल लाभ व अमृत के चौघडिय़ा रहेंगे ।

व्रत/पर्व - श्रीजगन्नाथ रथयात्रा (पुरी)। श्रीजगदीश रथोत्सव। बलराम-जगदीश रथोत्सव। जिल्काद मु. 11 मास शुरु।
चंद्रमा - सूर्योदय से प्रात: 07.34 मि. तक चंद्रमा वायु तत्व की मिथुन राशि में रहेंगेे पश्चात जल तत्व की कर्क राशि में प्रवेश करेंगे।
दिशाशूल- उत्तर दिशा में। (अगर हो सके तो आज के दिन उत्तर दिशा में यात्रा को टालना चाहिए)।
राहु काल - दोप. 03.47.27 से 05.27.54 तक राहु काल वेला रहेगी। अगर हो सके तो इस समय में शुभ कार्यों को करने से बचना चाहिए।
आज जन्म लिए बच्चे- आज जन्म लिए बच्चों के नाम (ह, ही, हू, हे, हो) अक्षरों पर रख सकते हैं। आज जन्मे बच्चों का जन्म चांदी के पाए में होगा। सूर्योदय से प्रात: 07.34 मि. तक मिथुन राशि रहेगी पश्चात कर्क राशि रहेगी। आज जन्म लिए बच्चे शरीर से कृषकाय होंगे। सामान्यत: इनका भाग्योदय करीब 15 वर्ष की आयु में होगा। ऐसे जातक भौतिक जीवनशैली के प्रति सजग रहेंगे। प्राय: तकनीकी कला के विशेषज्ञ होंगे। पारिवारिक जीवन शांत एवं सुखी रहेगा। मिथुन राशि में जन्मे जातक को न्यायप्रियता का दामन नहीं छोडऩा चाहिए। कर्क राशि में जन्मे जातक को वस्तु संग्रहण से बचना चाहिए।