
Madhya Pradesh Health Department seized Perfect Hospital in jabalpur
जबलपुर। दिल्ली के बाद अब मध्यप्रदेश में भी लापरवाही करने वाले प्राइवेट अस्पतालों के खिलाफ सरकार ने शिकंजा कस दिया है। इलाज में लापरवाही की शिकायत के बाद संकल्प परफेक्ट हॉस्पिटल को गुरुवार को सील किया गया। एक गर्भवती का प्रसव केस बिगडऩे की शिकायत आने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इस अस्पताल की जांच की थी। जांच में पाया कि अस्पताल में इलाज की सुविधाएं व संसाधन नहीं हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर गुरुवार सीएमएचओ ने इस प्राइवेट अस्पताल को बंद करने के आदेश जारी किए।
9 माह तक किया गुमराह
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय को एक शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता मरीज रेखा कनौजिया पति माखन लाल कनौजिया ने आरोप लगाए थे कि परफेक्ट अस्पताल की संचालिका फिरदौस खान ने स्वयं को डॉक्टर बताकर 9 माह तक उसका इलाज किया। सामान्य प्रसव का हवाला दिया। इलाज के दौरान उन्हें लगातार गुमराह किया गया और गलत इलाज के कारण उसे मृत बच्ची हुई।
प्र्रसव के लिए गुड़ खिलाया, कॉफी पिलाई
आलोक नगर अधारताल निवासी न्यायालय कर्मी रेखा कनौजिया ने आरोप लगाया था कि सामान्य प्रसव के नाम पर उसे 9 घंटे तक एक ही स्थिति में रखा गया। अस्पताल संचालिका द्वारा उसे गुड़ खिलाया गया व कॉफी पिलाई जाती रही। बाद में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आरती जैन को बुलाकर सर्जरी कराई गई।
सर्जरी के बाद बिगड़ा केस
शिकायकर्ता का आरोप है कि अस्पताल में पहले उसके उपचार में लापरवाही हुई। बाद में उसने स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आरती जैन को बुलाकर सर्जरी कराई। सर्जरी के बाद केस बिगड़ गया। मरीज की किडनी में संक्रमण हो गया। जिसे इलाज के लिए पहले एक शहर के निजी अस्पताल फिर नागपुर के अस्पताल ले जाया गया। दूसरे चिकित्सकों ने परफेक्ट अस्पताल के इलाज को गलत बताया।
अस्पताल का पंजीयन भी नहीं था
अस्पताल में गलत इलाज की शिकायत की वास्तविकता का पता लगाने के लिए डीएचओ डॉ. प्रदीप अग्रवाल को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। डॉ. अग्रवाल ने जांच में पाया कि अस्पताल में इमजरेंसी इलाज की सुविधा नहीं है। यहां उपकरण भी अपर्याप्त हैं। विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं। हैरान की बात ये है कि जांच में सामने आया कि यह प्राइवेट अस्पताल नियमों के विपरीत चल रहा था। नियमानुसार पंजीयन तक नहीं था।
परफेक्ट से पहले संकल्प था नाम
स्वास्थ्य विभाग द्वारा सीज किया गया परफेक्ट हॉस्पिटल अधारताल क्षेत्र में रद्दी चौकी के पास स्थित है। जांच के दौरान पूछताछ में पता चला किया पहले यह संकल्प अस्पताल के नाम से जाना जाता था। बाद में नाम बदलकर परफेक्ट अस्पताल कर दिया गया। सीएमएचओ डॉ. एमएम अग्रवाल के अनुसार अस्पताल की शिकायत मिली थी। यहां जांच में अनियिमितताएं मिली व अस्पताल का मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रोजोपचार सम्बन्धी स्थापना के तहत पंजीयन भी नहीं था। इसे तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए गए है।
Published on:
22 Dec 2017 02:18 pm
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