
rajasthan high court : बाड़मेर मगरा को नगरीय सीमा में शामिल करने के आदेश पर रोक
हाईकोर्ट ने दिए निर्देश
जबलपुर. हाईकोर्ट ने एक याचिका का इस निर्देश के साथ निराकरण कर दिया कि याचिकाकर्ता को मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना का लाभ तीन माह के भीतर दिया जाए। मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ व न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने ये निर्देश दिए। याचिकाकर्ता मंडला निवासी बद्री प्रसाद पटेल की ओर से कहा गया कि वह गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करता है। उसकी पुत्री ने वर्ष 2016 में बारहवीं की परीक्षा 82 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। इसी वर्ष नीट परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उसका दाखिला डेंटल कालेज में हो गया। 2017 में मप्र शासन ने मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना का प्रावधान किया। इसके अनुसार जिन छात्र-छात्राओं ने माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल से आयोजित बारहवीं की परीक्षा 75 प्रतिशत से अधिक अंकों से उत्तीर्ण की हो, उन्हें पात्र हितग्राही निरूपित किया गया।हाईकोर्ट को अवगत कराया गया कि मप्र शासन ने मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के सिलसिले में संशोधित प्रावधान जारी किया। इसके अंतर्गत व्यवस्था दी गई कि 2016 के पूर्व भी 75 प्रतिशत से अधिक अंकों से बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थी पात्र हितग्राही होंगे। लिहाजा, याचिकाकर्ता की पुत्री को यह लाभ मिलना चाहिए। इस संदर्भ में आवेदन किया गया। लेकिन, लाभ नहीं मिला।
Published on:
26 May 2023 10:05 am
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