video story : माफिया ‘दरबार’ में रोज हो रही थी लाखों की कमाई, दो घंटे में धूल में समाया

नगर निगम के माफिया दमन दल की कार्रवाई

By: Lalit kostha

Published: 12 Sep 2020, 12:24 PM IST

जबलपुर। चार हजार वर्गफीट में बने ‘दरबार’ रेस्टोरेंट में रोजाना लाखों का कारोबार होता था। यहां एक साथ 100 से अधिक लोगों को बैठने के लिए रेस्टोरेंट और एक बैंक्विट हॉल था। 2018 से नगर निगम इस अवैध निर्माण को लेकर नोटिस दे रहा है। कुछ मौकों पर तो नोटिस ही लेने से इनकार किया गया। माफिया की आड़ में इस रेस्टोरेंट को चलाया जा रहा था। नौदराब्रिज के पास बने इस एयरकूल्ड रेस्टारेंट में बड़ी संख्या में लोग लंच और डिनर के लिए आते थे। यश जैन की जमीन पर बने इस रेस्टोरेंट में अब्दुल रज्जाक का निवेश था। अब्दुल रज्जाक के खिलाफ पूर्व में एनएसए की कार्रवाई भी हो चुकी है।

मलबा हटाने का काम कई घंटे चला
रेस्टोरेंट को तोडऩे की कार्रवाई शुक्रवार सुबह करीब 7.45 बजे शुरू हुई और लगभग दस बजे खत्म हो गई। मलबा हटाने का काम काफी देर तक चलता रहा। इस दौरान एक साथ चार जेसीबी से इस रेस्टोरेंट को तोडऩा शुरू किया गया। इससे पहले कर्मचारियों को कुछ समय फर्नीचर और दूसरी चीजों को निकालने के लिए दिया गया। उसके बाद कार्रवाई की गई।

अवैध निर्माण और व्यावसायिक उपयोग
इस रेस्टोरेंट का अवैध रूप से निर्माण करके व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। एक रणनीति के तहत इसे तोडऩे की योजना बनाई गई थी। पहले इस जगह पर किसी व्यक्ति का कब्जा था। फिर जमीन को खाली कराया गया। उसके बाद यश जैन और हर्ष जैन ने इस बेशकीमती जमीन पर रेस्टोरेंट बनवाया।

नक्शा पास नहीं कराया
रेस्टोरेंट का निर्माण नगर निगम से नक्शा पास किए बगैर कराया गया था। इसके संचालन की अनुमति भी नहीं ली गई थी। उधर, रेस्टोरेंट संचालकों ने आरोप लगाया कि उनके साथ भेदभाव पूर्ण कार्रवाई की गई। मामला हाईकोर्ट में है। शनिवार को पेशी से पहले इस निर्माण को तोड़ दिया गया। नक्शा पास करवाने की कार्रवाई नगर निगम के कारण लंबित है। उन्हें नोटिस मिला और न ही कोई सूचना दी गई। कार्रवाई में अपर कलेक्टर संदीप जीआर, नगर निगम आयुक्त अनूप कुमार सिंह मौजूद थे।

 

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सुबह पांच बजे ही अमला बुलाया
दरबार रेस्टोरेंट के अवैध निर्माण को तोडऩे की कार्रवाई गोपनीय रखी गई। इसकी जानकारी कलेक्टर, एसपी, एडीएम, एएसपी और निगमायुक्त व सम्भागायुक्तव आइजी को ही थी। पूरी रूपरेखा गुरुवार को तैयार कर ली गई थी। सूत्रों के अनुसार गुरुवार रात दो बजे चार सीएसपी, 11 थाना प्रभारी को बल के साथ और आरआई को लाइन के बल के साथ सुबह पांच बजे पुलिस लाइन में उपस्थित होने का निर्देश जारी किया गया। नगर निगम में भी अतिक्रमण अमले को सुबह पांच बजे बुला लिया गया था। एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा और एएसपी सिटी अमित कुमार ने लाइन में पहुंच कर बल को सम्बोधित भी किया। नौ बजे लगभग 250 पुलिस कर्मियों के साथ एएसपी सिटी अमित कुमार और एएसपी ग्रामीण शिवेश सिंह बघेल दरबार रेस्टोरेंट पहुंचे। पुलिस ने नौदराब्रिज और करमचंद चौक के साथ सिविक सेंटर से जुड़े मार्ग को लॉक कर दिया था। सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक आवागमन बंद रखा। यहां अधिकतर दुकानें दोपहर बाद खुल पाई। सीएसपी ओमती आरडी भारद्वाज, सीएसपी गढ़ा रोहित काशवानी, सीएसपी गोहलपुर अखिलेश गौर, सीएसपी रांझी कौशल सिंह बल लेकर पहुंचे थे।


यह जमीन यश जैन के नाम पर है। उन्होंने जो निर्माण किया था वह अवैध था। इसकी कोई अनुमति नहीं ली गई। कमर्शियल उपयोग भी किया रहा था। वर्ष 2018 से उन्हें नोटिस देकर अवैध निर्माण को हटाने की चेतावनी दी जा रही थी। जवाब नहीं देने पर यह कार्रवाई की गई।
- अनूप कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त

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