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माहेश्वरी व मारवाड़ी समाज ने पुरुषोत्तम मास में मनाया शरदोत्सव

  माहेश्वरी व मारवाड़ी समाज हर तीन वर्ष के बाद पड़ने वाले पुरुषोत्तम मास में सभी पर्व दोबारा मनाता है। पुरुषोत्तम मास की विभिन्न तिथियों पर समाज के मंदिरों में ये पर्व मनाए जाते हैं। शुक्रवार को पुरुषोत्तम मास में शरद पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया। श्री गोपाललालजी पंचायती मंदिर छोटा फुहारा में रात को श्रीकृष्ण भगवान की रासलीला मनाई गई। भक्तजन जमकर थिरके। इस अवसर पर ठाकुरजी का विशेष शृंगार व पूजन किया गया।      

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 माहेश्वरी व मारवाड़ी समाज

माहेश्वरी व मारवाड़ी समाज

-कृष्ण भगवान की हुई आराधना

-पूजन कर रासलीला मनाई

जबलपुर. माहेश्वरी व मारवाड़ी समाज हर तीन वर्ष के बाद पड़ने वाले पुरुषोत्तम मास में सभी पर्व दोबारा मनाता है। पुरुषोत्तम मास की विभिन्न तिथियों पर समाज के मंदिरों में ये पर्व मनाए जाते हैं। शुक्रवार को पुरुषोत्तम मास में शरद पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया। श्री गोपाललालजी पंचायती मंदिर छोटा फुहारा में रात को श्रीकृष्ण भगवान की रासलीला मनाई गई। भक्तजन जमकर थिरके। इस अवसर पर ठाकुरजी का विशेष शृंगार व पूजन किया गया।

मातृशक्ति ने किया रास नृत्य-

रात 8 बजे मंदिर में श्रीकृष्ण भगवान के लिए शरद पूर्णिमा पर गोपिकाओं द्वारा किए गए रास नृत्य की भावविभोर कर देने वाली प्रस्तुति दी गई। माहेश़्वरी व मारवाड़ी युवतियों, महिलाओं ने परम्परागत परिधान में ठाकुरजी के लिए जोरदार नृत्य किया। पंडाल में विराजे ठाकुरजी की परिक्रमा करते हुए रास नृत्य किया गया।

होली, दीवाली पर होता है संगम-

जबलपुर जिला माहेश्वरी सभा के जिलाध्यक्ष व श्री अंतरराष्ट्रीय पुष्टिमार्गीय वैष्णव परिषद जबलपुर शाखा के अध्यक्ष शरद काबरा ने बताया कि पुष्टिमार्गीय वैष्णव समाज के लोग श्रीकृष्ण को ईष्ट मानते हैं। पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु को समर्पित होता है, इसलिए इस महीने वे लोग श्रीकृष्ण भगवान की आराधना करते हैं। मुखिया भगवान श्रीकृष्ण का विशेष शृंगार व पूजन करते हैं। समाज के सदस्य गर्भगृह के बाहर से दर्शन कर पर्व मनाते हैं। सावन में भगवान के हिंडोले- काबरा ने बताया कि सावन में गोपाललालजी मंदिर में भगवान के हिंडोले रखे गए हैं। पुरुषोत्तम मास में कृष्ण भगवान के अन्नकूट, रंगमहल, बादाम की सेवा, पुष्पवितान, गणगौर, गोपाष्टमी पर्व भी मनाए जा रहे हैं। सावन के महीने में ठाकुरजी को समर्पित विशेष अनुष्ठान किए जा रहे हैं। पूरे मास भर ये आयोजन चलेंगे।

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