9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

#Mandi_Breaking : मटर किसानों ने बंधक बनाई मंडी, आमजन घरों में कैद- देखें लाइव वीडियो

#Mandi_Breaking : मटर किसानों ने बंधक बनाई मंडी, आमजन घरों में कैद- देखें लाइव वीडियो

2 min read
Google source verification
krishi upaj mandi jabalpur

krishi upaj mandi jabalpur

जबलपुर. प्रदेश की सबसे बड़ी मटर मंडियों में शामिल जबलपुर कृषि उपज मंडी पिछले 16 घंटों से बंधक बनी हुई है। यहां न तो कोई वाहन आ पा रहा है और नहीं बाहर निकल पा रही हैं। हजारों की संख्या में मटर की गाडिय़ों की चक्के जाम कर दिए गए हैं। इससे आम राहगीर भी नहीं निकल पा रहे हैं। इतनी अव्यवस्था और प्रदर्शन के बाद भी शासन, प्रशासन की ओर से कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचे हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें उचित भाव नहीं मिल रहा है, वहीं व्यापारियों का कहना है कि मटर गलने लगा है, इसी कारण से भाव ज्यादा नहीं दिए जा सकते हैं। जो सही मटर वो अच्छे दामों पर बिक रहा है।

100 रुपए बोरा पर आए भाव
सोमवार दोपहर से मटर की जबरदस्त आवक होना शुरू हो गई थी। दोपहर 3बजे के बाद हालात ये रहे कि भाव अचानक नीचे आने लगे थे। जिसके बाद व्यापारियों व किसानों के बीच तनाव बनने लगा था। चूंकि मटर गीला था, जिसके चलते व्यापारी बोली कम लगाने लगे थे। किसानों का कहना है कि उन्हें मंडी तक लाने में मटर 6 से 7 रुपए पड़ रहा है, ऐसे में दस रुपए से कम का भाव मिलने पर घाटा हो रहा है।

6500 गाडिय़ां फंसीं
मंडी परिसर में करीब 3000 गाडिय़ां कल दोपहर से फंसी हुई हैं, वहीं बाहर पाटन एवं कटंगी बायपास तक 3500 से ज्यादा गाडिय़ां किसानों ने खड़ी करवा रखी हैं। जिससे पूरा क्षेत्र जाम में कराह रहा है। रहवासियों के साथ-साथ अन्य व्यापारिक क्षेत्र भी प्रभावित हो रहे हैं। इन्हें खुलवाने या आमजनों को निकालने के लिए भी पर्याप्त पुलिस व्यवस्था मौके पर मौजूद नहीं है।

बंधक बना लिया पूरा क्षेत्र
मंगलवार सुबह 7 बजे किसानों का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर कोई सहयोग नहीं मिलने पर पूरे क्षेत्र को बंधक बना लिया। मटर गाडिय़ां सटाकर खड़ी कर दी गईं। दोपहिया वाहनों को भी निकलने नहीं दिया जा रहा है। स्टापर के साथ ही पत्थरों व लकडिय़ों को रखकर बंद कर दिया गया है। ऑफिस व अन्य कार्यों से जाने व निकलने वालों को भी नहीं निकलने दिया गया।

पानी छोड़ रहा मटर
बोरियों में बंद ताजा मटर समय बीतने के साथ ही गलना शुरू हो गया है। कई गाडिय़ों का मटर पानी छोडऩे लगा है। जिसके बाद उनका दाम मिलना भी मुश्किल हो गया है। जिससे किसानों की परेशानी बढऩे लगी है।