24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ये है प्रदेश का इकलौता मंगल चण्डी मंदिर, देती हैं अटल सुहाग का वरदान

मंगलचण्डी माता वैधव्य योग को काटती हैं, जिससे अल्प आयु पति भी दीर्घायु व स्वस्थ हो जाता है, वहीं विवाह योग्य युवतियों को सुयोग्य व सदा सुहागन बने रहने वाले पति का कामना लेकर माता का पूजन करने आती हैं

less than 1 minute read
Google source verification

image

Lali Kosta

Jul 26, 2016

mangal chandi mandir jabalpur a states only temple

#mangalchandimandirjabalpur

जबलपुर। हर सुहागन अपने पति के लिए दीर्घायु की कामना करती है। जिसके लिए वे कई प्रकार के व्रत पूजन आदि करती हैं। लेकिन प्रदेश में इकलौता ऐसा मंदिर हैं जहां विराजमान माता मंगलचण्डी उन्हें अटल सुहागन का वरदान देती हैं। मंगलचण्डी मंदिर के संस्थापक पंडित द्वारका प्रसाद शुक्ल शास्त्री ने बताया कि मंगलचण्डी माता वैधव्य योग को काटती हैं, जिससे अल्प आयु पति भी दीर्घायु व स्वस्थ हो जाता है। वहीं विवाह योग्य युवतियों को सुयोग्य व सदा सुहागन बने रहने वाले पति का कामना लेकर माता का पूजन करने आती हैं।


लगा मेला हो रहा पूजन
श्रावण मास के प्रत्येक मंगलवार को किए जाने वाले मंगला गौरी के विशेष पूजन एवं अनुष्ठान से सौभाग्य में वृद्धि होती है। पति एवं संतान के लंबे एवं सुखी जीवन की कामना करते हुए सैकड़ों महिलाओं ने आज से मंगला गौरी माता का व्रत रखा है।
आज मंगला गौरी पूजन के लिए मंगला चंडी माता मंदिर बधैयापुरा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु-भक्त पहुंचे। जहां सभी ने माता की पूजन कर ध्वजा अर्पित करते हुए सुख-सौभाग्य की मंगल कामना की।

पंडित द्वारका नाथ शुक्ल शास्त्री ने बताया कि मंगल चंडी देवी मंगल ग्रह की आराध्य देवी हैं। महिलाएं एवं नवविवाहित युवतियां इस व्रत को धारण कर माता मंगला गौरी से अपने परिवार की सुख-संपत्ति और सौभाग्य की कामना कर रही है।
आज के दिन विवाहित स्त्रियां अपने सौभाग्य की प्राप्ति तथा पति एवं संतान की लंबी आयु की कामना करते हुए व्रत करती हैं। सुबह से ही पूजन का थाल लेकर मंदिर पहुंची सैकड़ों महिला श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चार के बीच माता रानी का पूजन कर मंगला गौरी व्रत संपन्न किया।

ये भी पढ़ें

image