
उत्तर प्रदेश पुलिस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक युवक के डॉक्टर बनने के जुनून की ऐसी घटना सामने आई जिसे आम लोगों के साथ पुलिस को भी झकझोर कर रख दिया। एमबीबीएस में प्रवेश के लिए नीट की तैयारी कर रहे युवक ने विकलांग आरक्षण का लाभ उठाने के लिए खुद ही अपना पंजा काट डाला और हमले की घटना बताकर इसे छुपाने की कोशिश की। पुलिस ने तहकीकात की तो युवक की गर्लफ्रेंड के राज खोलने पर सामने आई हकीकत से पुलिस अधिकारी भी सकते में आ गए।
पुलिस के अनुसार सूरज भास्कर नाम के युवक ने गत 18 जनवरी को सूचना दी थी कि कुछ लोगों ने उस पर हमला कर जोरदार मारपीट की जिससे वह बेहोश हो गया। उसे होश आया तो उसका बाएं पैर का पंजा कटा हुआ था और वह खून से लथपथ था। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर करीब एक दर्जन लोगों से पूछताछ की लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।
गहन पूछताछ में सूरज बार-बार बयान बदलने लगा तो पुलिस को शक हुआ। मोबाइल कॉल डिटेल से पुलिस को उसकी गर्लफ्रेंड का पता चला। पुलिस ने गर्लफ्रेंड से पूछताछ की तो सारा राज खुल गया। पुलिस उपअधीक्षक गोल्डी गुप्ता के अनुसार पूछताछ में गर्लफ्रेंड ने कहा कि सूरज बीफार्मा है और किसी भी हाल में 2026 में एमबीबीएस में प्रवेश लेना चाहता था।
विकलांग आरक्षण कोटे का लाभ लेने के लालच में उसने ऐसा कदम उठाया। बाद में सूरज ने भी यह बात स्वीकार कर ली। गुप्ता ने उससे पूछताछ के आधार पर बताया कि सूरज ने दर्द से बचने के लिए पहले इंजेक्शन लगाए और बाद में ग्राइंडर से पंजे का आगे का हिस्सा काट दिया। केवल एडी बची।
पुलिस के अनुसार गत अक्टूबर में सूरज ने वाराणसी के बीएचयू अस्पताल में विकलांगता का फर्जी प्रमाण पत्र हासिल करने का प्रयास किया था। वह इसमें सफल नहीं हो पाया तो उसने अपना ही पंजा काटकर विकलांग प्रमाण पत्र लेने की साजिश कर जान जोखिम में डाली।
Published on:
24 Jan 2026 05:13 am
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