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स्मार्ट सिटी के लिए बदलेगा जबलपुर का मास्टर प्लान

जमीन के मिश्रित उपयोग के लिए प्रावधान पर फोकस, ज्यादातर जमीन आवासीय

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स्मार्ट सिटी के लिए बदलेगा जबलपुर का मास्टर प्लान

जबलपुर. शहरवासियों की रहवासी जरूरतों को पूरा करने के लिए बहुमंजिला इमारतें बनाने से लेकर सुव्यवस्थित कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, आलीशॉन होटल बनाने के विकल्प मुहैया कराने की खातिर जबलपुर के मास्टर प्लान में अहम बदलाव किए जाएंगे। स्मार्ट सिटी योजना के तहत एबीडी (एरिया बेस्ड डेवलपमेंट) के दायरे में आने वाले गोलबाजार, राइट टाउन, नेपियर टाउन, सिविक सेंटर क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण अनुशंसा की गई हैं। स्मार्ट सिटी की टीम व नगर निगम की गई अनुशंसाओं पर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग व कनसल्टेंट की तकनीकी टीम मंथन कर रही है। उनकी स्वीकृति के बाद एबीडी क्षेत्र के लिए मास्टर प्लान में उपांतरण को मंजूरी मिल जाएगी।

बदलावों की अनुशंसा और उनसे लाभ
- जमीन का मद परिवर्तन कर मिश्रित उपयोग का प्रावधान होने से रहवासी व व्यवसायिक दोनों इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो सकेंगे।
- टेलीकाम फै क्ट्री गेट नं 4 से मदनमहल स्टेशन का 24 मीटर चौड़ा मार्ग 36 मीटर चौड़ा हो सकेगा, यह दमोहनाका-मदनमहल फ्लाईओवर के प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक है।
- फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) बढ़ाकर 3 तक किया जाएगा, ऐसा होने से ऊं चे भवनों का निर्माण हो सकेगा
- ग्राउंड कवरेज बढ़ाने का प्रावधान होने पर रहवासी क्षेत्र बढ़ेगा, भवनों की जरूरत पूरी होंगी

- जमीन के मिश्रित उपयोग के लिए प्रावधान पर फोकस, ज्यादातर जमीन आवासीय

- सीमांत खुला क्षेत्र कम किए जाने से भवनों के निर्माण में ग्राउंड कवरेज क्षेत्र बढ़ेगा।

यथावत रहेगा हरित क्षेत्र
स्मार्ट सिटी के एबीडी में रानीताल के आसपास का हरित क्षेत्र यथावत रहेगा। इसके अलावा जल संरचना को भी यथावत ही रखा जाएगा।

स्मार्ट सिटी योजना के तहत एबीडी एरिया में विकास कार्यों के लिए जबलपुर के मास्टर प्लान में उपांतरण करने नगर निगम और स्मार्ट सिटी टीम की ओर से कई अनुशंसा की गई हैं। तकनीकी टीम अनुशंसाओं पर मंत्रणा कर रही है। तकनीकी टीम की स्वीकृति के बाद उपांतरण को प्रदेश शासन की मंजूरी मिल सकती है।
नीरज लिखार, संयुक्त संचालक, टीएंडसीपी