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महापौर ने कहा- निगम की पुरानी सम्प​त्तियां बेचकर करोड़ों कमाएंगे, विपक्ष ने पूछा-किस हक से बेचोगे?

जबलपुर नगर निगम में 1400 करोड़ रुपए का बजट पेश, शहर में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, हरिद्वार कीतर्ज पर विकसित होंगे नर्मदा तट  

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jabalpur nigam

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ऐसे समझें बजट
-1400 करोड़, 3 लाख 21 हजार आय
-1400 करोड़, 1 लाख 96 हजार व्यय
-1 लाख 25 हजार बचत का बजट

जबलपुर। नगर सरकार ने शुक्रवार को वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए नगर निगम का बजट पेश किया। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने 1400 करोड़, 3 लाख 21 हजार रुपए आय बताई है। वहीं 1400 करोड़, 1 लाख 96 हजार रुपए व्यय होगा। 1 लाख 25 हजार रुपए बचत वाले बजट में शहर के विकास के लिए कई नए प्रावधान किए गए हैं। बजट के अध्ययन के लिए नगर निगम अध्यक्ष ने बैठक 3 अप्रेल तक के लिए स्थगित कर दी है।

शहर को अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की सौगात मिलेगी। हरिद्वार की तर्ज पर नर्मदा तटों का विकास होगा। पिसनहारी की मढि़या, भैरव बाबा मंदिर से धुआंधार की ओर रोपवे का निर्माण किया जाएगा। शहर में फिल्म सिटी का निर्माण होगा। महापौर ने निगम की आय बढ़ाने के लिए पुरानी संपत्तियों का रीडेंसिफिकेशन कराने का प्रस्ताव रखा। इससे निगम को करोड़ों रुपए की आय होगी। महापौर ने बताया कि बिजली बिल पर निगम 50 करोड़ रुपए खर्च करता है। इसमें कमी लाने के लिए सौर ऊर्जा के प्लांट लगाए जाएंगे। वहीं, विपक्ष ने पूछा है कि पहले तो इस बात कांग्रेस ने विरोध किया था, अब वे किस हक से निगम की सम्पत्तियां बेंचेंगे?

पर्यावरण के लिए
-1 लाख 8 हजार पौधे लगाए जाएंगे
-8 बड़े तालाबों का उन्नयन व विकास होगा
-सड़क किनारे व खाली भूखंड पर विकसित किए जाएंगे लघु उद्यान
-शैलपर्ण, नेचर पार्क, संग्राम सागर में विकास कार्य

जल व्यवस्था
-280 करोड़ से अमृत फेस 2 के तहत हर घर नर्मदा जल की योजना पर होगा काम
-3 किश्त में अमृत फेस 1 के नल कनेक्शन शुल्क का कर सकेंगे भुगतान
-नए बोरवेल खनन
-टैंकरों की संख्या बढ़ाई जाएगी
-वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे शासकीय भवनों में
-जलभराव रोकने के लिए जल प्लावन मद की अलग से होगी व्यवस्था
-अवैध नल कनेक्शन को वैध किए जाएंगे

श्मशान और कब्रिस्तानों का उन्नयन
-शहर में िस्थत श्मशान व कब्रिस्तान का उन्नयन
-जरूरतमंदों को रियायती दरों में शवदाह संस्कार कराने की व्यवस्था

फायर ब्रिगेड
-अग्नि शम उप केन्द्रों का विस्तार
-आग बुझाने खरीदे जाएंगे फायर एंट्री शूट

शिक्षा व खेल
-5100, 2100 व 1100 रुपए प्रोत्साहन राशि 10वीं, 11 वीं, 12 वीं के प्रथम तीन छात्रों को (निगम स्कूलों के)
-अखाड़ा व खेल मैदानों का उन्नयन

निगम की आय व युवाओं के रोजगार के लिए
-56 भोग मार्केट का निर्माण इंदौर के राजवाड़ा की तर्ज पर
-500 दुग्ध व डेली नीड्स पार्लर होंगे स्थापित
-5 नए हॉकर जोन का निर्माण
-ग्रीन बॉन्ड जारी करेगा निगम

इंफ्रास्ट्रक्चर में नया
-शंकराचार्य चौक से ग्वारीघाट रेलवे ट्रेक पर सड़क निर्माण
-वार्डों के प्रमुख चौराहों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे
-मुख्यालय व जोन कार्यालयों में फ्री वाईफाई सुविधा
-70-70 लाख रुपये पार्षद अनुशंसा मद की राशि 69 वार्ड में
-10-10 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि 10 वार्डों में जो वर्ष 2015 के बाद जुड़े
-नई गौशाला की स्थापना, गौ मूत्र, गोबर का उपयोग
-डिजिटाइज व ऑनलाइन किया जाएगा निगम का रिकॉर्ड
-ब्लैक स्पॉट समाप्त करने ट्रेफिक मैनेजमेंट, आईटीएमएस, सिग्नल, जेब्रा क्रासिंग, रोड मार्किंग, केट आई का विकास
-17.5 करोड़ के एसटीपी प्लांट के टेंडर किए गए नर्मदा में गंदे नाले मिलने से रोकने
-ग्वारीघाट व तिलवाराघाट में मेगा पार्किंग स्थल विकसित होगा

बजट पर चर्चा 3 अप्रेल को
विशेष बजट सम्मिलन में महापौर के बजट प्रस्तुत करने के बाद भाजपा पार्षद महेश राजपूत ने चर्चा की मांग रखी। अन्य पार्षदों ने कहा कि निगम की परंपरा के अनुसार बजट पर चर्चा अलग से आयोजित बैठक में होना चाहिए। महापौर की अपील पर नेता प्रतिपक्ष भी इसके लिए तैयार हो गए। नगर निगम अध्यक्ष रिंकू विज ने बैठक 3 अप्रेल तक के लिए स्थगित की है। इससे पहले महापौर ने शायराना अंदाज में बात रखी कि तुम्हारी खूबसूरती को जो कर सके बयां, वो शब्द बना रहा हूं। अभी लिख रहा हूं, कागज पर पूरे उतरे नहीं हो तुम, कुछ वक्त गुजरेगा तो बताएंगे कि कितने खूबसूरत हो तुम। नेता प्रतिपक्ष कमलेश अग्रवाल ने कहा कि विकास के लिए साथ हैं, लेकिन जहां भी काम प्रभावित होगा तो सवाल जरूर खड़े करेंगे।

हवाई सपने दिखाने वाला बजट
8 साल पहले हमने अपने कार्यकाल में रिडेंसिफिकेशन का प्रस्ताव लाया तो कांग्रेस ने इसका जमकर विरोध किया था, वर्तमान महापौर अन्नू तब विपक्ष में थे वे भी धरने पर बैठे थे, जबलपुर बंद करा दिया गया था, उस वक्त जिस प्रस्ताव का विरोध कर कहा गया कि ऐतिहासिक संपत्तियों को बेच दिया जाएगा, जबलपुर की अस्मिता से खिलवाड़ किया जा रहा है, वह प्रस्ताव आज सही कैसे हो गया। 8 महीने के कांग्रेस के कार्यकाल में स्पष्ट हो गया है, उनके पास घोषणाओं के अलावा कुछ नहीं है। नगर में हर तरफ अतिक्रमण है, प्रशासनिक व्यवस्था पर कोई नियंत्रण नहीं है।
प्रभात साहू, भाजपा नगर अध्यक्ष, पूर्व महापौर

धरातल से दूर
बजट में आय बढ़ाने को लेकर ग्रीन बॉन्ड की जो बात की गई है कांग्रेस पूर्व महापौर पंडित विश्वनाथ दुबे के कार्यकाल से ऐसा करते आई, लेकिन कोई बॉन्ड जारी नहीं हुआ। रिडेंसिफिकेशन के प्रस्ताव का पहले कांग्रेस ने बहुत विरोध किया है, फिर आज वे निगम की संपत्ति किस हक से बेच सकते हैं। बजट धरातल से बहुत दूर है। अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के लिए प्रावधान किया है वह निगम का विषय ही नहीं है। नगर में विकास के जिन काम को लेकर राज्य सरकार के प्रस्ताव पहले से ही हैं उनको लेकर की प्रस्ताव बजट में रख दिए गए हैं। बजट में कुछ भी खास नहीं है।
सदानंद गोडबोले, पूर्व महापौर