
meat fish chicken shop
जबलपुर. शहर में खुलेआम मांस-मछली बिक रही है। धूल, कचरा के बीच मांस बेचा जा रहा है। खुले में मांस के विक्रय पर रोक लगाने के प्रदेश सरकार के निर्णय के बाद गुरुवार को नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने पड़ताल की। इसमें पता लगा कि नगर में मांस की ज्यादातर दुकान अवैध तरीके से संचालित हो रही हैं। बाजार विभाग के अनुसार नगर निगम से महज 73 व्यापारियों ने लायसेंस लिया है। बाकी दुकानदारों के पास किसी प्रकार का लायसेंस नहीं है। निगम सीमा में दो हजार मांस की दुकान संचालित हो रही हैं।
शहर में दुकान
2000 के लगभग छोटी-बड़ी दुकान
40 प्रतिशत दुकान सड़क किनारे
73 पंजीकृत दुकान
भारी संख्या में अवैध दुकानें
शहर के पवित्र क्षेत्र ग्वारीघाट मार्ग, तिलवाराघाट , शास्त्री नगर, त्रिपुरी चौक, सूपाताल, सिविल लाइन, रांझी, घमापुर, कांचघर, भानतलैया, मंडी मदार टेकरी, रद्दी चौकी, दमोहनाका समेत कई और इलाकों में बड़ी संख्या में मांसाहार की दुकान अवैध रूप से संचालित हैं। शहर की कुल मांसाहार की दुकानों में अवैध दुकानों की संख्या 75 प्रतिशत के लगभग है।
दुकानदारों को दी समझाइश
नगर निगम प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अमले ने सभी 16 जोन में मांसाहार विक्रेताओं को बुलाकर खुले में व्यापार नहीं करने की समझाइश दी। वहीं ऐसे दुकानदार जो बंद दुकानों में मांस का विक्रय कर रहे हैं, लेकिन निगम से लायसेंस नहीं लिया है उन्हें भी हिदायत दी गई कि सभी आवश्यक नियमों के साथ बाजार विभाग में पंजीयन अवश्यक कराएं।
धूल-गंदगी के बीच विक्रय
सड़कों के किनारे धूल-गंदगी के बीच फुटपाथ पर और मालवाहक वाहनों में अवैध तरीके से मांस की दुकान लग रही हैं। कई जगह तो खुले में मांस को इस प्रकार रखा जा रहा है कि क्षेत्र से आवाजाही के दौरान राहगीरों को असुविधा का भी सामना करना पड़ता है।
प्रदेश सरकार के निर्णय के बाद खुले में मांस की दुकान संचालित करने वालों चिन्हित किया गया है। समझाइश दी गई है कि वे खुले में मांस का विक्रय न करें। नियम तोड़ने पर जब्ती से लेकर जुर्मान की कार्रवाई की जाएगी।
- दिनेश प्रताप सिंह, बाजार अधीक्षक
Published on:
15 Dec 2023 11:46 am
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