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मिलर्स की मनमानी से धान पर मंडरा रहा भीगने का खतरा

जबलपुर जिले में मिलर्स को खरीदी केंद्रों से करना है धान का उठाव, लेकिन उठाव में आनाकानी, अभी भी गोदामों में जा रहा धान  

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धान

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जबलपुर। मिलर्स खरीदी केंद्रों से सीधे धान उठाव की प्रक्रिया में अभी भी आनाकानी कर रहे हैं। जबलपुर जिले में अभी तक करीब 15 हजार मीट्रिक टन धान का ही उठाव हुआ है। जबकि एग्रीमेंट 50 हजार मीट्रिक टन का हुआ है। ऐसे में धान गोदामों में ही भेजा जा रहा है। इस विषय में कलेक्टर दो बार मिलर्स के साथ बैठक कर चुके हैं। उन्होंने आनाकानी करने वाले मिलर्स की मिलों को सील करने तक की चेतावनी दी है। इस काम को खरीदी एजेंसी जिला विपणन संघ को कराना है। परिवहन का खर्चा बचाने के लिए शासन की योजना के तहत मिलर्स खरीदी केंद्रों से सीधे धान का उठाव करेंगे। फिर उसकी मिलिंग कर चावल गोदामों में जमा करेंगे। काफी संख्या में मिलर्स ने प्रशासन को आश्वस्त किया था कि वे धान का उठाव करेंगे। बुधवार को इसके लिए कलेक्टर ने दूसरी बार मीटिंग की थी। पहली बार में मिलर्स के साथ 50 हजार मीट्रिक टन का एग्रीमेंट हुआ है, लेकिन इसे बढ़ाकर करीब 90 हजार मीट्रिक टन किया जाना है।

जिले में चार लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य है। अभी तक करीब तीन लाख 48 हजार मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। अब तक 32 हजार 300 किसान समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय जिले के खरीदी केंद्रों से कर चुके हैं। अब लगभग 50 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी और होनी है। इसके लिए 16 जनवरी तक का समय तय है। मिलर्स के साथ सामान्य परिवहन भी ठीक नहीं है। तीन लाख 48 लाख मीट्रिक टन खरीदी की तुलना में परिवहन करीब दो लाख 96 हजार मीट्रिक टन धान का हो सका है। 50 हजार मीट्रिक टन धान अभी भी खरीदी केंद्रों पर रखा है। आए दिन मौसम में बदलाव हो रहा है। इससे धान की गुणवत्ता प्रभावित होती है। अपर कलेक्टर राजेश बाथम ने बताया कि मिलर्स को धान उठाव के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसमें थोड़ी तेजी आई है। लेकिन, बड़ी मात्रा अभी बाकी है। यदि मिलर्स जानबूझकर एग्रीमेंट के बाद भी कोई कोताही बरतते हैं, तो कार्रवाई की जाएगी।