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लाखों रुपए जारी, लेकिन खातों में पहुंचे ही नहीं

जबलपुर जिले के स्कूलों को मामला, सीएम हेल्पलाइन में पहुंची शिकायत के बाद खुलासा
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exam: प्रायोगिक परीक्षाओं की समय सारिणी हुई घोषित, इस दिन होगा यह पेपर

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जबलपुर। स्कूल शिक्षा विभाग ने जिले के स्कूलों के खातों में लाखों रुपए की राशि जारी की। लेकिन करीब एक माह तक स्कूलों के खाते में राशि नहीं आई तो मामला सीएम हेल्पलाइन तक पहुंच गया। करीब 333 स्कूलों के खातों में गड़बडिय़ों के चलते राशि ही नहीं पहुंच सकी है। सूत्रों के अनुसार समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 में छात्रों के स्पोट्र्स एवं फिजिकल ग्रांट की राशि प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में जनवरी जनवरी-फरवरी में भेजी गई थी। सूत्रों के अनुसार प्रदेश के करीब सवा लाख शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों मेंं करीब 60 करोड़ रुपए जारी किए गए थे। करीब 25 करोड़ रुपए माध्यमिक स्कूलों को दिए गए जबकि 35 करोड़ की राशि मिडिल स्कूलों के खातों में भेजी गई। जबलपुर संभाग के करीब 60 स्कूलों के खातों में गड़बडी की बात सामने आई है। इसमें जबलपुर के अलावा नरसिंहपुर, डिंडौरी, कटनी, मंडला के स्कूल शामिल हैं।

अब स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसे स्कूलों का दोबारा नए सिरे से सत्यापन करा रहा है। वित्त नियंत्रक पंकज मोहन के निर्देश के बाद स्कूलों के बैंक अकाउंट, लेजर बुक, प्राचार्यों के खाते आदि को चेक कर पता लगाया जाएगा कि उनके खातों में राशि आई है कि नहीं। इसके अलावा खाता नंबर अपडेट न होने, अधूरी केवाईसी जैसे बिंदुओं की भी जानकारी ली जा रही है। जानकारों का कहना है कि एक परिसर एक शाला के चलते कई जिलों में स्कूलों को मर्ज कर दिया गया। स्कूल मर्ज हो जाने के बाद उनके बैंक खाते भी बंद कर दिए गए हैं।