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 खनिज स्टॉक में बड़ी हेराफेरी, 2.20 करोड़ का जुर्माना

आयरन ओर के बड़े खननकर्ता पर शिकंजा 
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mukesh gaur

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Updated: 8 Nov 2016, 8:17 AM IST

mineral

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जबलपुर। जिले में आयरन ओर के सबसे बड़े खननकर्ता के दोनों भंडारण लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। खननकर्ता प्रदीप मित्तल पर दो करोड़ 20 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। खनिज विभाग की टीम ने जांच में पाया कि मित्तल की सिहोरा के ग्राम पाराखेड़ा में स्वीकृत भंडारण स्थलों पर सवा नौ लाख टन आयरन ओर स्टॉक किया गया था। जबकि, उसके आंकड़ों में महज सात लाख टन आयरन ओर का स्टॉक दर्शाया गया था।

इस गड़बड़झाले पर कलेक्टर महेशचंद्र चौधरी ने जुर्माना लगाने के साथ ही भंडारण लाइसेंस निरस्त कर दिया। इसके साथ ही मित्तल की झीठी स्थित खदान को निरस्त करने के लिए प्रदेश शासन को प्रस्ताव भेजा है। जुर्माना वसूली का आदेश भी जारी किया है। मेसर्स पेसिफिक प्राइवट लिमिटेड के नाम से कटनी के प्रदीप मित्तल के नाम से झीठी में आयरन ओर व लेटेराइट की खदान स्वीकृत है। खदान के पास ही पारखेड़ा में स्टॉक भंडारण के दो पट्टे स्वीकृत थे।

जांच में मिला कि दोनों स्थलों पर भंडारण में दर्शाए गए रिकॉर्ड से ज्यादा स्टॉक मिला। खदान संचालक खनन व भंडारण का मासिक पत्रक भी खनिज विभाग के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर रहा था। भंडारण स्थल पर निर्धारित सीमा से ज्यादा स्टॉक मिलने पर इस बात की पुष्टि हुई कि निर्धारित सीमा से ज्यादा खनिज की निकासी की जा रही थी।