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अनूठा हनुमान मंदिर… यहां आते ही अपने आप जुड़ जाती हैं टूटी हुई हड्डियां

कटनी जिले के मोहास गांव में अनूठा प्राचीन हनुमान मंदिर, लगता है अस्थि रोग से पीडि़तों का मेला

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hanuman jayanti pujan muhurt and poojan vidhi

hanuman jayanti pujan muhurt and poojan vidhi

जबलपुर। महावीर हनुमान के प्राकट्य की तिथि नजदीक है। चैत्र शुक्ल पूर्णिमा पर 31 मार्च को हर तरफ वीर हनुमान के नाम की गूंज रहेगी। उनकी जयंती धूमधाम से मनायी जाएगी। इसकी तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं। उन कुछ देवताओं में हनुमानजी भी शामिल हैं, जिनका प्रताप चारों युगों में एक सा रहता है। उन्हें भगवान राम ने स्वयं आशीष दिया था कि वे हर युग में भक्तों की रक्षा के लिए अग्रसर रहेंगे। इस प्रताप का प्रभाव भी जहां तहां नजर आता रहता है। कटनी जिले की रीठी तहसील के मोहास गांव में हनुमानजी का ऐसा ही एक मंदिर है, जहां जाने से आदमी के शरीर की टूटी हुई हड्डियां अपने आप जुडऩे लगती हैं। अस्थि रोग से पीडि़त हजारों लोग यहां पहुंचते हैं। दरबार और यहां की दी गई अनूठी औषधि के प्रताप से लोगों को राहत भी मिलती है।


ये मिली उपाधि
कटनी से महज 35 किलामीटर दूर स्थित है ग्राम मोहास...। यहां गांव के किनारे हनुमानजी का प्रसिद्ध मंदिर है। शनिवार और मंगलवार को यहां का नजारा ही हटकर होता है। परिसर पर साइकिलों से लेकर खड़ी लक्जरी गाडिय़ों तक के काफिले यही संकेत देते हैं। मंदिर में जरूर कुछ अनूठा है, जो दूर-दूर से लोगों को यहां तक खींच लाता है। कोई दर्द कराहता हुआ परिसर पहुंचता तो किसी को परिजन हाथों का सहारा देकर यहां तक पहुंचाते हैं। हर किसी की एक ही मनोकामना होती है कि हनुमानजी महाराज की कृपा उन पर बरसे और टूटी हुई हड्डी का दर्द गायब हो जाए। होता भी ऐसा ही है, तभी तो यहां विराजे हनुमानजी लोगों ने आर्थोपेडिक स्पेशलिस्ट (हड््डी रोग विशेषज्ञ) जैसी उपाधि तक दे डाली है।


पंडा देते हैं औषधि
परिसर पर विराजमान हनुमानजी की दिव्य प्रतिमा के किनारे पंडा सरमन पटेल और उनके सहयोगी बैठते हैं। वे दर्द से कराहते परिसर पर पहुंचे मरीजों को सबसे सबसे राम नाम का जाप करने की सलाह देते हैं। राम नाम के जाप के साथ ही दवा और दुआ देने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। राम नाम के जाप के दौरान ही पंडा सरमन पटेल सभी को आंख बंद करने को कहते हैं और इसी अवस्था में संबंधित मरीज को औषधि के रूप में किसी पौधे की पत्तियां व जड़ खिलाते हैं। इसे खाते ही हड्डियां जुडऩे लगती हैं। पंडा सरमन पटेल का दावा है कि यहां आने वाले हर अस्थि रोगी को आराम मिलता है। प्लास्टर तक अलग हो जाता है। यह सब हनुमानजी की कृपा का प्रताप है।


मालिश के लिए तेल
अस्थि रोग के किसी डॉक्टर की तरह यहां हनुमान के द्वार पर भी पीडि़तों का तांता लगता है। मंगलवार और शनिवार यहां मेले सा माहौल होता है। आसपास के जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों तक से अस्थि रोग पीडि़त यहां आते हैं। पीडि़तों को औषधि खिलाने के साथ यहां एक तेल भी दिया जाता है, जिसकी मालिश करने की सलाह दी जाती है। स्थानीय राम दयाल दुबे का कहना है कि इस तेल से पीडि़तों को सूजन व दर्द में राहत मिलती है।


विश्वाश और भरोसे की जीत
क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि मोहास वाले हनुमानजी के दरबार से आज तक कोई निराश नहीं लौटा। कटनी निवासी राजेश उपाध्याय ने बताया कि मोटर साइकिल से गिरने की वजह से कुछ दिनों पहले उनका पैर फैक्चर हो गया था। यहां दरबार में उन्हें राहत मिली। वे दोबारा दर्शन के लिए यहां पहुंचे थे। इसी तरह बरगवां निवासी प्रताप पटेल भी परिवार सहित यहां दूसरी बार आए थे। उनके हाथ में फैक्चर था। प्रताप के अनुसार एक सप्ताह में ही उन्हें काफी फायदा हुआ है। उन्होंने प्लास्टर भी उतार दिया है। जानकी देवी शर्मा की कमर की हड्डी में दर्द रहता है। इसमें माइनर फैक्चर है। जानकी के अनुसार उन्होंने कई डॉक्टरों से इलाज कराया लेकिन पूरा लाभ नहीं मिला। वे राहत की उम्मीद लेकर पहली बार यहां आयी थीं। उन्हें विश्वास है कि हनुमानजी की कृपा से उनकी कमर का दर्द ठीक हो जाएगा।