वेटरनरी यूनिवर्सिटी में आरएंडवी यूनिट में स्टेट लेवल कैम्प में गल्र्स दिखा रहीं अपना हुनर
जबलपुर . हॉर्स राइडिंग को मूलत: लडक़ों का खेल माना जाता है पर जब लड़कियां नित नए आसमान छू रहीं हों तो यह खेल भला क्या बला है? घुड़सवारी में भी लड़कियां अब अपना कमाल दिखा रहीं हैं। जबलपुर में इस समय रोज यह नजारा दिख रहा है।
वेटरनरी यूनिवर्सिटी कैम्पस में चल रहे घुड़सवारी कैंप में हॉर्स राइडिंग की एरीना में ‘फरिश्ता’ पहुंचा। शो जम्पिंग करते हुए हर्डल्स को पारकर ‘विजय’ पाई, वहीं टेंट पैगिंग में तनीशा ने तूफानी रफ्तार वाले ‘फतेह’ को संभाला। जहां लडक़ों ने हॉर्स राइडिंग का कमाल दिखाया, वहीं धाकड़ छोरियां भी हॉर्स राइडिंग का जादू चला रही हैं। लड़कियों का जोश भी चरम पर है, जो घोड़ों पर काबू पाने में मदद कर रहा है। अपने इशारों पर घोड़ों को नचाते हुए वे शो जम्पिंग से लेकर टेंट पैगिंग में कमाल दिखा रही हैं। यह जज्बा उन्हें दिल्ली के मैदान में दम दिखाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।
वन एमपी स्क्वाडर्न आरएंडवी यूनिट, एनसीसी के तत्वावधान में स्टेट लेवल आरडीसी सलेक्शन कैम्प का आयोजन किया गया है, जो कि वेटरनरी यूनिवर्सिटी कैम्पस में चल रहा है। यहां पर ट्रेनिंग शुरू होने के पहले दिन सोमवार से ही
कैडेट्स मैदान में घुड़सवारी करते नजर आए। कुछ घोड़े महू, रीवा और रायपुर से भी आए हैं, जो कि जबलपुर के मैदान से दोस्ती कर रहे हैं। वहां के कैडेट्स भी यहां घुड़सवारी सीख रहे हैं। जबलपुर यूनिट में तीन नए घोड़े आए हैं, जिनमें से एक फतेह को ट्रेनिंग दी जाने लगी है। फतेह पर सवार तनीशा ने तूफानी रफ्तार तय की।
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क्या कहती हैं धाकड़ घुड़वार छोरियां
- एक साल हो गए हैं घुड़सवारी सीखते हुए। घोड़े और राइडर के बीच में संतुलन होना जरूरी है। यदि राइडर अच्छा है तो हॉर्स आपका साथ देगा। सालभर जो भी सीखा है, वह एरीना में ६० सेकेंड में दिखाना होता है। इसके लिए लगातार कड़ी मेहनत कर रही हूं। कोशिश है कि दिल्ली के लिए सलेक्शन हो जाए, यह मौका हाथ से जाने नहीं दूंगी।
अनुशा रेड्डी, महू
- आरडीसी में गल्र्स के लिए शो जम्पिंग और ड्रेसाज इवेंट होता है। इसकी तैयारी पूरी है। कैम्प में सुबह घोड़ों को सैंड बाथ देना, उन्हें गुड़ चना खिलाना, सभी काम करती हूं, ताकि हॉर्स के साथ दोस्ती रहे।
गंगोत्री निसाद, रायपुर