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जबलपुर. जेल में बंद बिशप पीसी सिंह के एक के बाद एक नए कारनामे उजागर हो रहे हैं। जानकारी सामने आई कि क्राइस्ट चर्च के किसी भी स्कूल में दाखिला लेने के पहले बच्चों के अभिभावकों से फीस के अलावा डोनेशन राशि जमा कराई जाती थी। इसकी पर्ची अलग से कटती थी। यदि कोई विरोध करे, तो उसके बच्चे को दाखिला नहीं मिलता था। बिशप पीसी सिंह के निर्देश पर उसका खास मैनेजर सुरेश जैकब स्कूल के कर्मचारियों से यह करवाता था। सूत्रों की माने तो डोेनेशन में ली हुई राशि सीधे बिशप तक पहुंचती थी।
जिसे बिशप धार्मिक संस्थाओं को बांटने के साथ ही अपने उपयोग में ले लेता था। इधर मंगलवार को दूसरे दिन भी ईओडब्ल्यू ने सुरेश जैकब से पूछताछ जारी रखी। मंगलवार को लगभग पांच घंटे तक उससे पूछताछ की गई। इस दौरान सुरेश जैकब ने बिशप पीसी सिंह के कई काले कारनामों का खुलासा किया। बुधवार को फिर से उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
हर क्लास के लिए अलग राशि
जानकारी के अनुसार क्राइस्ट चर्च के किसी भी स्कूल में दाखिला लेने के लिए डोनेशन राशि अलग अलग थी। केजी वन और टू के छात्रों से जहां दस से 20 हजार वसूला जाता था, वहीं जैसे-जैसे क्लास बढ़ती जाती थी, तो यह राशि भी बढ़ जाती थी। पहली से लेकर 12 तक में दाखिला लेने वाले नए छात्रों के परिजनों से 25 से 30 हजार रुपए तक वसूले जाते थे। छात्रों और उसके परिजन को यह हिदायत भी दी जाती थी कि वह इस फीस का जिक्र बाहर न करें।इधर टीम ने बिशप पीसी सिंह के बिलासपुर और दिल्ली कनेक्शन खंगालने भी शुरू कर दिए हैं। जानकारों के अनुसार पीसी सिंह की करीबी रिश्तेदार बिलासपुर में रहती है, जोे अक्सर शहर आती थी। ऐसा माना जा रहा है कि उसके माध्यम से भी ट्रांजेक्शन किया जाता था। हाल ही में यह भी जानकारी सामने आई कि बिशपी पीसी सिंह के साथ दिल्ली में रहने वाला एक व्यक्ति भी जर्मनी गया था।
Published on:
28 Sept 2022 11:57 am
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