मोहनजोदाड़ो से प्राप्त अवशेषों में कुम्भकारों के भट्टों के अवशेष, सूती कपड़ा, हाथी का कपाल खंड, गले हुए तांबे के ढेर, सीपी की बनी हुई पटरी, नाच करते हुए नारी की कांसे की मूर्ति अवशेष के रूप मे मिले थे। इससे इतिहासकार यह अंदाजा लगाते हैं उस दौरान में भी नृत्य का चलन था।