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Breaking news: फिल्म एक्ट्रेस मोनिका बेदी को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने दिया ये फैसला

देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मामले में है आरोपी

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जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने फिल्म अभिनेत्री मोनिका बेदी को 10 वर्ष का पासपोर्ट जारी करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इस मामले में शुक्रवार को मोनिका बेदी की अपील पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने मोनिका की पासपोर्ट संबंधी याचिका को ठुकराते हुए कहा कि यह मामला काफी गंभीर है। ऐसे मामले में 10 वर्ष की अवधी के लिए पासपोर्ट जारी करने की राहत नहीं दी जा सकती है। इस फैसले को मोनिका बेदी के लिए बड़े झटके के रुप में देखा जा रहा है। मोनिका बेदी उर्फ फौजिया उस्मान ने फर्जी पासपोर्ट मामले में बरी किए जाने के बाद कोर्ट में यह अर्जी दायर की थी।

मोनिका उर्फ फौजिया उस्मान
भोपाल के कोहेफिजा पुलिस थाने में अंडरवल्र्ड डॉन अबु सलेम और मोनिका बेदी पर फर्जी पासपोर्ट मामले में प्रकरण दर्ज किया गया था। आरोप था कि अंडरवल्र्ड डॉन की पूर्व प्रेमिका मोनिका ने उसकी पत्नी बनकर फौजिया उस्मान के नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। भोपाल कोर्ट ने इस मामले में मोनिका बेदी को बरी कर दिया था। जबकि इसी मामले में अबु सलेम को दोषी ठहराया गया था। बाद में अपीलीय अदालत ने भी मोनिका को की दोष मुक्ति के निर्णय को सही ठहराया था। इसके बाद भोपाल की जिला अदालत के एक फैसले में मोनिका को एक वर्ष के पासपोर्ट की इजाजत मिली थी।

नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
मप्र हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए याचिका दायर की थी। कोर्ट ने मोनिका बेदी की अपील पर सुनवाई करते हुए इसी बात को आधार बनाया। जस्टिस सीवी सिरपुरकर की सिंगल बेंच ने मोनिका बेदी की अपील को खारिज करते हुए कहा कि इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है कि हाईकोर्ट ने ही इस मामले में संज्ञान लिया था।

गलत सूचना, फर्जी दस्तावेज
हाईकोर्ट ने मोनिका बेदी की 10 वर्ष तक पासपोर्ट जारी करने की अनुमति संबंधी अपील को खारिज करते हुए कहा कि यह प्रकरण गंभीर है। इसमें पासपोर्ट बनवाने के लिए गलत सूचनाओं और फर्जी दस्तोवजों का उपयोग किया गया था। ऐसे में इस तरह की राहत देना संभव नहीं है।