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रूठे मानसून की द्रोणिका हिमालय की तरफ गई, बारिश की उम्मीद नहीं

जबलपुर में तीन-चार दिन तक उमस-गर्मी से नहीं मिलेगी राहत

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Monsoon slowed down, now the hope of a shower of local system

जबलपुर. बारिश का संकेत देने वाली द्रोणिका हिमालय की तराई की तरफ चली गई है। इसे नीचे आने में अभी तीन से चार दिन का समय लगेगा। तब तक बारिश वाले बादलों की कोई नई खेप शहर में आने की सम्भावना नहीं है। उमस-गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। अच्छी बारिश के लिए द्रोणिका की पोजीशन बदलने का इंतजार करना पड़ेगा। तब तक लोकल सिस्टम से छिटपुट बारिश ही होगी। शहर में हल्के बादलों की आवाजाही से दिन में गर्मी और रात में उमस बनी रहेगी। ऐसे मौसम में चिपचिपी गर्मी से लोगों की बेचैनी और और बढ़ती जा रही है। जुलाई का पहला पखवाड़ समाप्ति की कगार पर होने के बावजूद गर्मी से राहत के लिए एसी, कूलर के साथ तेज गति से पंखें चलाना पड़ रहे हैं।
बादलों की आवाजाही के बीच बढ़ी उमस से शनिवार को बदले रुख के साथ चली हवा से पारे में मामूली गिरावट आई। अरब सागर की ओर से आई हवा ने नमी बढ़ाई। हवा की गति तेज होने और उसके सम्पर्क में आने पर दिन में गर्मी से कुछ राहत रही। लेकिन देर शाम को हवा की गति धीमी पड़ गई। उमस के चलते लोग घर और कार्यालय के अंदर बैठे-बैठे ही पसीना-पसीना होते रहे। मौसम विज्ञान केन्द्र में वैज्ञानिक सहायक देवेन्द्र कुमार तिवारी के अनुसार ट्रफ लाइन के नीचे आने के बाद बारिश की सम्भावना बनेगी। अभी 14 जुलाई के पहले तेज बारिश का कोई सिस्टम नहीं है। हल्के और स्थानीय बादल बने रहेंगे। इससे बीच-बीच में कुछ देर के लिए मामूली बूंदाबंादी हो सकती है।
अधारताल स्थित मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। यह सामान्य से एक डिग्री ज्यादा बना रहा। न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से दो डिग्री ज्यादा बना रहा। आद्र्रता सुबह के समय 77 प्रतिशत और शाम को 63 प्रतिशत थी। दक्षिण-पश्चिम हवा 6 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चली। रविवार को सम्भाग के जिलों में कुछ स्थानों पर वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछार पडऩे की सम्भावना है।