
Monsoon Late in MP, rainfall update in madhya pradesh
जबलपुर। जून में आमतौर पर हर वर्ष राहत की बारिश होती है। पानी की मात्रा भी इतनी कि किसान और आम लोगों के चेहरे पर खुशी छा जाए। लेकिन, इस बार आसमान पर बादल छा रहे हैं, लेकिन बूंदाबांदी का दौर आगे नहीं बढ़ रहा। जून के महीने का आधे से ज्यादा वक्त गुजरने के बाद भी लोग धूप और उमस से बेहाल हैं। 10 साल में इस बार जून में पारा सबसे ज्यादा चढ़ा है। सात जून को रेकॉर्ड किया गया अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस वर्ष 2010 से लेकर अभी तक सबसे अधिक है। इसके विपरीत बारिश में गिरावट आई है। बीते तीन साल के मुकाबले इस वर्ष जून में अभी तक की सबसे कम बारिश हुई।
धूप और उमस से लोग बेहाल
10 साल में जून में सबसे ज्यादा चढ़ा पारा
बादलों ने बढ़ाई उमस -
शहर में गुरुवार को भी बादल मंडराते रहे। सुबह से ही धूप निकली। लेकिन, बादलों के कारण धूप का असर कम रहा। शाम होते-होते मौसम में कुछ बदलाव आया। हवा की रफ्तार बढऩे के साथ ही बादलों के घेरने से बारिश के आसार बने। इससे उमस बढ़ गई। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार सुबह के समय आद्र्रता 59 एवं शाम के वक्त 33 प्रतिशत दर्ज हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार शुक्रवार को सम्भाग के जिले में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पडऩे की सम्भावना है।
हवा का बदला रुख, पारा 2.4 डिग्री गिरा
गुरुवार को औसतन आठ-नौ किमी प्रतिघंटे की गति से उत्तर-पश्चिमी हवा चली। हवा की बदली दिशा और ठंडी हवा के झोंके के साथ बादल आने से दिन और रात का तापमान कम हुआ है। बुधवार के मुकाबले अधिकतम तापमान में 2.4 डिग्री सेल्सियस गिरावट के साथ गुरुवार को अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री रेकॉर्ड हुआ। न्यूनतम तापमान में एक डिग्री के गिरावट के साथ 28.4 डिग्री दर्ज हुआ है। फिर भी अधिकतम तापमान सामान्य से दो और न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक बना हुआ है।
...तो फिर एक सप्ताह
मौसम विभाग में वैज्ञानिक सहायक देवेंद्र कुमार तिवारी के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों में कम दबाव का क्षेत्र निर्मित है। कर्नाटक, बंगाल के बाद उड़ीसा, बिहार के कुछ हिस्सों में अगले 72 घंटों में मानसून सक्रिय हो सकता है। स्थिति अनुकूल होने पर उसके अगले 3-4 दिन में मानूसन का प्रभाव जिले में पडऩे की सम्भावना है।
Published on:
21 Jun 2019 10:28 am
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