
मध्य प्रदेश में मॉनसून
जबलपुर. सावन माह की शुरुआत से हर दिन बादलों के जमावड़ा हो रहा है। लेकिन उत्तरप्रदेश पर कम दबाव का क्षेत्र बनने से बादल उत्तर प्रदेश की ओर जा रहे हैं। सावन माह का पहला सप्ताह सूखा निकलने से शहरवासियों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार मानसून की शुरुआत से ही बारिश का अच्छा सिस्टम नहीं बना। हालांकि सावन के दूसरे पखवाड़े (अगस्त के दूसरे सप्ताह) में अच्छी बारिश की संभावना है।
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सावन का पहला सप्ताह निकला सूखा
छह साल में अब तक की सबसे कम बारिश
पिछले पांच दिनों की बात करें तो यहां सूर्यदेव ने दर्शन नहीं दिए हैं। बादलों ने डेरा डाल रखा है। इतने पर भी बादल बरसने का नाम नहीं ले रहे हैं। उमस बढऩे से लोग परेशान हो रहे हैं। शनिवार सुबह कुछ देर को सूर्यदेव बादलों से आंख मिचौली करते देखे गए, लेकिन वे सुबह 9:30 बजे के बाद से नजर नहीं आए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि शाम तक कहीं कही बारिश की बौछारें पड़ सकती हैं।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में जून और जुलाई की सामान्य बारिश 670 मिमी है। जबकि, दोनों महीनों में 465.2 मिमी बारिश हुई। यह पिछले छह वर्षों में तीन अगस्त तक हुई बारिश में सबसे कम है। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 29.5 और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह की आद्र्रता 81 और शाम की आद्र्रता 71 प्रतिशत रही। पश्चिमी हवा की रफ्तार सात किलोमीटर प्रति घंटा रही।
पिछले वर्षों के आंकड़े
2018 : 466.2
2017 : 518
2016 : 823
2014 : 533
2013 : 969
2012 : 802
तीन अगस्त तक बारिश (मिमी में)
उत्तरप्रदेश पर कम दबाव का क्षेत्र बनने से मध्य प्रदेश के बादल उप्र की ओर जा रहे हैं। ट्रफ लाइन नीचे आने पर पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर और आस-पास के क्षेत्रों में बारिश होगी।
- आरके दत्ता, वैज्ञानिक सहायक, मौसम विभाग
Published on:
04 Aug 2018 10:01 am
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