
राम कथा मर्मज्ञ मुरारी बापू ने दिया उद्बोधन, कहा- राम वन गमन पथ बनाने की प्रदेश सरकार की पहल अच्छी
जबलपुर। राम राज्य की बापू गांधी से लेकर दुनियाभर के विद्वान परिकल्पना करते हैं। रघुवंश के राजा की प्रज्ञा उसकी ऊंचाई जितनी होती थी। उसी के अनुरूप उन्हें शास्त्र प्राप्त होते थे फि र वे उसी से प्रजा का कल्याण करते थे। नेताओं को सरकार अच्छे से चलाना है तो रामायण पढ़ो। बार-बार सत्ता में आना हो तो भी रामायण पढ़ो। सरकारों को ये सीख राम कथा मर्मज्ञ morari bapu मुरारी बापू ने बुधवार को वल्र्ड रामायण कांफ्रें स के समापन सत्र में दी। मानस भवन में चल रहे आयोजन में उन्होंने कहा कि राम का नाम लेने से कोई सम्प्रदायिक नहीं होता है। राम और रामायण किसी धर्म के नहीं वैश्विक हैं। लोकतंत्र की रामायण में गजब की प्रतिष्ठा है। किसी भी राज्य या देश का राजनेता महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले साधुमत, लोकमत, वेद मत भी लें। लेकिन साधुओं के वेश से अभिभूत न हों। निष्पक्ष, निर्भय साधु का मत लें। इंदिरा सदैव विनोबा भावे से हर मसले पर सलाह लेती थीं। बापू morari bapu ने कहा कि ऋषि वशिष्ठ ने राम और भरत दोनों से कहा था सत्ता अच्छे से चलाना है तो वे साधु मत अवश्य लें। राजा राम ने ऐसा ही किया और ऐसे आदर्श राजा बन गए कि सदैव दुनियाभर में राम राज्य यानी वैसा ही आदर्श राज्य स्थापित करने की बात होती है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव को सबसे ज्यादा प्रिय मेकलसुता नर्मदा हैं, उनकी नगरी में दूसरी बार वल्र्ड रामायाण कांफ्रें स सफल आयोजन हुआ। यहां हुए मंथन से निकला राम रस अमृत विश्व कल्याण का माध्यम बनेगा।
कैसे रोकोगे राम की खुशबू
morari bapu बापू ने कहा कि राम को सांप्रदायिक संकीर्णता में कैद करने वाले शायद ये नहीं जानते कि राम की खुश्बू को नहीं रोक सकते। जिसका परिणाम है कि आज पूरी दुनिया राममय हो रही है। महात्मा गांधी का निर्वाण दिवस गुरुवार को है। मुरारी बापू ने उन्हें याद करते हुए कहा कि बापू ने पूरा जीवन रामायण के अनुसार ही जीया। कांफ्रें स में आए पं फ ारूख रामायणी का रामायण के प्रति समर्पण देखकर बापू ने कहा मेरा आग्रह है कि वे नमाज पढ़ें, क्योंकि ये उनका कत्र्तव्य है। बापू ने कहा ये मेरी गारंटी है कि नमाज पढऩे से रामायण की कथा कहने में भी सहयोग मिलेगा।
पथ बनाने की पहल
उन्होंने morari bapu कहा कि चित्रकूट में राम वन गमन पथ बनाने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ व प्रदेश की सरकार ने अच्छी पहल की है। इससे राम भक्तों को प्रभु श्रीराम के वन गमन पथ के दर्शन हो सकेंगे। वल्र्ड रामायण कांफ्रें स का अगला आयोजन वर्ष 2023 में किया जाएगा।
दुनियाभर के विद्वान
बापू ने कहा ये हर्ष की बात है कि भगवान शंकर की सबसे प्रिय पुण्यसलिला नर्मदा की नगरी में दुनियाभर के प्रतिभाशाली विद्वान एक मंच पर आ गए। अगर राम वैश्विक न होते तो विश्व रामायण सम्मेलन की भूमिका ही असम्भव थी। बापू ने उद्बोधन के शुरू में रामकथा के परम गायक राजेश्वरानंदजी महाराज के चेतन स्वरूप को नमन किया। जिनकी याद में ये आयोजन किया गया था। संस्कारधानी में 25 हजार सुंदरकांड पाठ का आयोजन होने का जिक्र करते हुए बापू ने कहा कि ये अद्भुत है। बापू ने कहा कि आयोजन समिति के डॉ. अखिलेश गुमाश्ता ने मुझसे कांफ्रेंस में आने के लिए कहा था, मैं चला आया। इस पर उन्होंने शेर कहा कि अजीब सिलसिला है ये उसकी मोहब्बत का, न उसने कैद में रखा न हम फ रार हो पाए।
इन्होंने किया स्वागत
बापू का स्वागत वित्त मंत्री तरुण भनोत, सामाजिक न्याय मंत्री लखन घनघोरिया, आयोजन अध्यक्ष विधायक अजय विश्नोई, महापौर स्वाति गोडबोले, अशोक मनोध्याय, एड रवि रंजन, अशोक रोहाणी, विनय सक्सेना, संजय यादव, संजय सिन्हा, विनोद गोटियां ने किया। इसी क्रम में स्वामी श्यामदेवाचार्य, स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि, ज्ञानेश्वरी दीदी, आचार्य कृष्णकांत चतुर्वेदी का भी सम्मान किया गया।
विद्वानों का सम्मान
मुरारी बापू ने विश्व सम्मेलन में आए अमेरिका के स्टीफ न नैप, प्रो. चिरापत प्रपन्नविद्या, डॉ. राजेन्द्र अरुण, फ ारूख रामायणी सहित अन्य विद्वानों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम के स्वागत अध्यक्ष वित्त मंत्री तरुण भनोत ने कहा कि वल्र्ड रामायण कांफ्रेंस के आयोजन, उसमें मुरारी बापू की उपस्थिति से हम सब धन्य हो गए। जबलपुर पर संतों का आशीर्वाद सदैव बरसता रहा है। उन्होंने आगामी नर्मदा कुम्भ के लिए भी बापू को आमंत्रित किया। आयोजन समिति के अध्यक्ष अजय विश्नोई ने कहा कि निश्चित तौर पर ये वृहद आयोजन हमने नहीं किया। केवल योजना बनाई राम का काम था तो राम ने स्वयं ही करा लिया। इसी क्रम में आयोजन समिति के सचिव डॉ. अखिलेश गुमाश्ता ने आयोजन की भूमिका और अन्य पहलुओं पर प्रकाश डाला। महापौर गोडबोले ने बापू का नागरिक अभिनंदन किया और अभिनंदन पत्र का वाचन किया। आयोजन में दुनियाभर के 50 से ज्यादा विद्वानों ने शिरकत थी। आयोजन में ब्रम्हर्षि मिशन समिति, रामलीला समिति गढ़ा, राघवेंद्र गुमास्ता, रामजी अग्रवाल, एड आदित्य मिश्रा, एड रविरंजन, आशीष रिछारिया, मनीष रिछारिया, संजय यादव, अतुल मनोध्याय, अभिषेक ध्यानी, डॉ. नीना उपाध्याय, भूपेन्द्र उपाध्याय, एसएस ग्रोवर, रोहित कौशल, शिशिर अग्रवाल, विनोद दुबे, लोकराम कोरी, रमाशंकर कटारे, जगदीश साहू, शरद दुबे की महत्वपूर्ण भूमिका थी।
शब्द मानस का विमोचन
संत मुरारी बापू ने संचालक जनसम्पर्क ओपी श्रीवास्तव व उनकी धर्मपत्नी भारती श्रीवास्तव द्वारा रचित शब्द मानस का विमोचन किया। इस अवसर पर साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी, वित्त मंत्री तरुण भनोत, सामाजिक न्याय मंत्री, लखन घनघोरिया, महापौर स्वाति गोडबोले, विधायक अजय विश्नोई, विधायक विनय सक्सेना, डॉ अखिलेश गुमाश्ता मौजूद थे।
Published on:
30 Jan 2020 06:26 pm
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