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मप्र के इस शहर में बिकता है सबसे महंगा दूध, फिर बढ़े इतने दाम

मप्र के इस शहर में बिकता है सबसे महंगा दूध, फिर बढ़े इतने दाम  

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most expensive milk

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जबलपुर। जिले में पर्याप्त संख्या में पशुधन की मौजूदगी और वृहद स्तर पर उत्पादन के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहर में दूध महंगा है। चरगवां, बरगी, भेड़ाघाट आदि क्षेत्रों में अच्छी गुणवत्ता का दूध 40 से 50 रुपए लीटर मिल रहा है, जबकि शहर में इसकी कीमत 62 रुपए प्रति लीटर है। पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में प्रतिदिन नौ लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। सूत्रों के अनुसार नगर से प्रतिदिन 55 हजार लीटर दूध नागपुर भेजा जाता है। गर्मी के दिनों में लस्सी, श्रीखंड, आइसक्रीम बनाने के लिए दूध की मांग बढऩे पर दूसरे शहरों को भी आपूर्ति की जाती है।

50 एकड़ में 10 करोड़ की लागत से डेयरी इस्टेट स्थापित
सह उत्पाद तैयार करने के लिए स्थानीय स्तर पर नहीं है यूनिट
प्रतिदिन 9 लाख लीटर दूध का उत्पादन, शहर में मिल रहा महंगा

ये है स्थिति
- 20 हजार भैंसें हैं बड़ी डेयरियों में
- 25 हजार के लगभग गाय-भैंसें मझौली डेयरी में
- 02 लाख लीटर दूध का उत्पादन बड़ी डेयरियों में
- 55 हजार लीटर दूध की आपूर्ति दूसरे शहरों में
- 150 के लगभग मध्यम व बड़े आकार की डेयरी हैं
- 336 ग्राम प्रति व्यक्ति प्रतिदिन उपलब्धता है

IMAGE CREDIT: Patrika

सह उत्पाद तैयार करने यूनिटों की कमी
विशेषज्ञों के अनुसार नगर में दूध के सह उत्पाद बनाने वाली यूनिट की कमी है। यदि शहर में ही आइसक्रीम, श्रीखंड और दूध पाउडर तैयार करने वाली बड़ी यूनिट स्थापित करने की पहल हो तो दुग्ध उत्पादकों को अधिक लाभ होगा। इससे दूध की कीमत भी नियंत्रित होगी। लेकिन, बड़ी संख्या में पशुधन और डेयरियों की मौजूदगी के बाद भी नगर में अब तक इस दिशा में पहल नहीं हुई है।

जिले में दुधारू पशु
73 हजार से ज्यादा गाय
38 हजार भैंसें
1,11,500 दुधारू पशु
01 लाख के लगभग बकरियां
01 हजार के लगभग भेड़

जिले में प्रतिदिन 9 लाख लीटर के लगभग दूध का उत्पादन हो रहा है। पशुपालकों को सस्ता चारा उपलब्ध हो, जिससे दूध की उत्पादन कीमत में कमी आए, ऐसी योजना पर जल्द काम शुरू किया जाएगा।
- एसके वाजपेयी, डिप्टी डायरेक्टर, पशुपालन विभाग