
Breastfeeding
जबलपुर। कहते हैं जन्म के तुरंत बाद से ही एक शिशु के लिए मां का दूध जरूरी हो जाता है। मां का पहला गाढ़ा दूध उसके लिए जहां अमृत तुल्य होता है, वहीं मां के लिए भी यह उसे भविष्य में कई बीमारियों की संभावनाओं को रोकने वाला होता है। इसलिए शिशु के लिए जितना जरूरी ब्रेस्टफीडिंग करना है, उतना ही एक मां के लिए अपने बच्चे को स्तनपान करवाना जरूरी होता है। क्योंकि मां का दूध सिर्फ शिशु के लिए ही नहीं, बल्कि मां की सेहत के लिए फायदेमंद होता है। इस विश्व स्तनपान दिवस सप्ताह के मौके पर आइए जानते हैं कि मां और शिशु के लिए स्तनपान करना और करवाना कितना जरूरी है।
मां को नहीं होता बीमारियों का खतरा
डॉक्टर्स की माने जो शिशु को अच्छी तरह से स्तनपान करवाया जाए तो मां को कई बीमारियों से बचाव मिलता है। मां को भविष्य में कैंसर, डाइबिटीज और दूसरी समस्याएं नहीं घेरती हैं। दूर करनी होगी भ्रांतियां मां बनने के बाद हर ज्यादातर महिलाओं को इस बात की टेंशन होती हैं अधिक मात्रा में स्तनपान करवाने में उनके शरीर में किसी तरह का प्रभाव पड़ेगा, लेकिन इस भ्रांति को तोड़ते हुए मांओं को यह समझना होगा कि शिशु के स्तनपान करने से बॉडी टेक्चर में किसी भी तरह की बेडोलता नहीं आती है।
न्यूट्रीशन फूड की अधिकता
वर्तमान मांओं के साथ यह समस्या आमतौर देखने को मिलती है कि उन्हें मिल्क सप्लाई कम होता है। इस कंडीशन में डॉक्टर्स का कहना है कि यदि डिलीवरी के बाद से ही भरपूर न्यूट्रिशन वाला भोजन किया जाए तो शिशु को भरपूर मात्रा में मिल्क मिल पाता है। फाइबर फूड जहां मिल्क सप्लाई बढ़ाते हैं, वहीं शिशु की पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने का काम करते हैं।
यह होता है फायदा
- मां का शिशु से भावनात्मक जुड़ाव अधिक होता है।
- शिशु को डायरिया और जॉइडेंस से लडऩे में मदद मिलती है।
- मां के दूध से सही मात्रा में शिशु का विकास होता है।
- मां की बॉडी में एक्स्ट्रा कैलोरी नहीं बन पाती।
- शिशु को छोटी-छोटी बीमारियों से लडऩे में मदद मिलती है।
- मां को हार्ट अटैक, डाइबिटीज और अन्य बीमारियां नहीं होती।
Published on:
01 Aug 2020 02:57 pm
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