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Furniture cluster: इन्वेस्टर्स का प्रस्तावित क्लस्टर से मोहभंग, दूसरी जगह लगा रहे कारखाने

दो साल से कोई सकारात्मक पहल नहीं होने से 15 बडे़ फर्नीचर निर्माताओं ने अपने कारखाने कटंगी एवं खजरी-खिरिया बायपास क्षेत्र में लगा लिए। इनमें ज्यादातर वे हैं, जो क्लस्टर में 5 से लेकर 10 करोड़ रुपए तक का निवेश करने वाले थे।

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Furniture cluster: शहर के फर्नीचर निर्माताओं का प्रस्तावित क्लस्टर से मोहभंग होने लगा है। भटौली में 52 एकड़ जमीन इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए जिला प्रशासन ने आवंटित की थी। दो साल से कोई सकारात्मक पहल नहीं होने से 15 बडे़ फर्नीचर निर्माताओं ने अपने कारखाने कटंगी एवं खजरी-खिरिया बायपास क्षेत्र में लगा लिए। इनमें ज्यादातर वे हैं, जो क्लस्टर में 5 से लेकर 10 करोड़ रुपए तक का निवेश करने वाले थे।

Furniture cluster: टौली में मिली थी जगह, टेक्सटाइल्स पार्क की स्थापना भी अधर में

Furniture cluster: 200 करोड़ का निवेश

दो साल पहले भटौली में 52 एकड़ जमीन पर फर्नीचर क्लस्टर की स्थापना की योजना बनाई गई थी। 150 इकाइयों वाले इस क्लस्टर को जमीन का आवंटन करने में जिला प्रशासन ने देर नहीं की। इसमें 200 करोड़ रुपए का निवेश एवं तीन से चार हजार लोगों को सीधे रोजगार मिलने की सम्भावनाएं बनी थीं। लेकिन, फर्नीचर कारोबारियों के सपनों को अभी तक पंख नहीं लग पाए।

Furniture cluster: जबलपुर टेक्सटाइल्स पार्क की योजना

क्लस्टर के लिए भटौली में जो जगह उद्योग विभाग को आवंटित की गई थी, वहां जिला प्रशासन ने जबलपुर टेक्सटाइल्स पार्क एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर की योजना बनाई थी। देश के आठ शहरों में यह पार्क बनने थे। उसके लिए जबलपुर की तरफ से दावा किया गया।

Furniture cluster: 332 हेक्टेयर जमीन इसके लिए चिन्हित

केंद्र सरकार की तरफ से इस योजना के लिए एक हजार करोड़ रुपए का अनुदान मिलना था। इसलिए 332 हेक्टेयर जमीन इसके लिए चिन्हित कर ली गई। इसमें वह जमीन भी शामिल थी, जो फर्नीचर क्लस्टर के लिए आवंटित की गई थी। पार्क के लिए केंद्र सरकार की अपेक्स कमेटी में प्रस्तुतिकरण दिया गया। साथ ही एक पर्यवेक्षक भी जबलपुर आए, लेकिन अभी तक इसकी मंजूरी का इंतजार है।

Furniture cluster: जमीन हो गई कम

अब फिर से क्लस्टर के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस भूमि का मद परिवर्तन करवाने की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में इसका निर्माण हो सकता है। लेकिन, इस जमीन में भी कटौती कर दी गई है। इसका कुछ हिस्सा एनएचएआई ने अपने प्रोजेक्ट के लिए ले लिया है। ऐसे में जगह कम हो गई है।

Furniture cluster: यह है स्थिति

● 450 से ज्यादा शहर में फर्नीचर इकाइयां।
● 15 हजार से ज्यादा लोगों को मिला है काम।
● मप्र, उप्र, बिहार, महाराष्ट्र, ओडिसा, छग में सप्लाई।
● 300 करोड़ से ज्यादा का सालाना कारोबार।
● अब कटंगी व खजरी खिरिया के साथ तिलवारा रोड पर कारोबार।
● आधुनिक मशीनों की स्थापना नए डिजाइन के बन रहे फर्नीचर।

फर्नीचर क्लस्टर के लिए तेजी से प्रयास किए गए थे। कारोबारी भी वहां अपनी इकाइयों की स्थापना के लिए प्रयासरत थे, लेकिन जमीन आवंटन होने के बाद आगे कोई काम नहीं हुआ। जो बडे़ निवेशक थे, उन्होंने अपने कारखाने दूसरी जगह लगा लिए हैं।

  • विंतेश शर्मा, अध्यक्ष, जबलपुर फर्नीचर मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन

भटौली में फर्नीचर क्लस्टर का निर्माण होना है। जो जगह इसके लिए आवंटित की गई थी, उस भूमि का मद परिवर्तन होना है। उसका प्रस्ताव टीएंडसीपी के पास गया हुआ है। स्वीकृति मिलते ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

  • दीपक सक्सेना, कलेक्टर
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