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मोगली उत्सव के अचानक आदेश ने खड़ी कर दी परेशानी

विभाग ने एन वक्त पर जारी कर दिया शेड्यूल, न समय मिला न तैयारी के लिए वक्त, परेशानी में स्कूल

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जबलपुर.
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मोगली उत्सव का आयोजन करने का निर्णय लिया है। इसमें सहभागिता का आधार छात्रों का स्कूल स्तर एवं जन शिक्षा केंद्र स्तर पर होने वाली विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताओं में सहभागिता और मेरिट के आधार पर किया जाता है। लेकिन विभाग द्वारा अंतिम समय पर जारी किए गए आदेश ने स्कूलों को मुसीबत में डाल दिया है। क्योंकि आयोजन की तारीख पहले से ही तय कर भेजी गई है जबकि स्कूलों के पास आयोजन और तैयारियों को लेकर पर्याप्त वक्त ही नहीं दिया गया है। ऐसे में जिले के स्कूलो ंमे बच्चों की सहभागिता पर भी प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया है। विदित हो कि इस अनूठे उत्सव में अनेक रोचक खेल, ट्रेकिंग, सफारी, क्विज, फिल्म व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन जंगल में ही किया जाता है और प्रकृति के बीच रहकर नजदीक से जानने आदि का अनुभव छात्रों को कराया जाता है। प्रदेश के हर जिले से ऐसे चयनित छात्रों को इसमें मौका दिया जाता है।
दो को स्कूल स्तर तो चार को जनशिक्षा केंद्र स्तर पर परीक्षा
छात्रों के चयन को लेकर तीन वर्गों में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाना है। लेकिन जारी किया गया शेडयूल गड़बडा गया है। विभग द्वारा दो दिन पहले स्कूलो में आदेश जारी किए गए। 2 सितंबर को शाला स्तर पर कनिष्ठ एवं वरिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिता का आयोजन किया जाने के लिए कहा गया। जनशिक्षा केंद्र स्तर पर 4 सितंबर को कनिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिता, विकासखंड स्तर पर 8 सितंबर को लिखत प्रश्नपत्र का आयोजन किया जाना है। कनिष्ठ वर्ग में 5वीं एवं 8वीं तथा वरिष्ठ वर्ग में 9वीं से 12वीं के छात्र छात्राओं की सहभागिता की जानी है। जबकि राज्य स्तरीय मोगली बाल उत्सव का आयोजन नवंबर में किया जाएगा।
-मोगली उत्सव प्रतियोगिता को लेकर देर से आदेश प्रसारित होने को लेकर स्कूलों द्वारा आपत्ति जताई गई है। पूर्व निर्धारित तिथियों में इतनी जल्दी कार्यकम करा पाना संभव नहीं है। इसके लिए वरिष्ठ कार्यालय से दिशा निर्देश मांगे हैं।
-योगेश शर्मा, डीपीसी