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जबलपुर। केंद्रीय कारागार जबलपुर में मृत्युदंड से दंडित 15 अपराधियों को बीते दो साल से फांसी की सजा नहीं सुनाई गई। कोरोना संक्रमण के चलते हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में केवल वर्चुअल सुनवाई के चलते इनकी फांसी की सजा पर सुनवाई नहीं हो सकी। इनमें से कुछ को तो आठ साल पहले सजा सुनाई गई थी।
अदालती प्रक्रिया : फिजिकल सुनवाई शुरू होने के बाद बढ़ेगी प्रक्रिया
15 अपराधियों की फांसी की सजा पर हो जल्द हो सकता है फैसला
यह है कानूनी प्रक्रिया
जिला एवं सत्र न्यायालय से हुई फांसी की सजा को पुष्टि के लिए हाईकोर्ट भेजा जाता है। आरोपी ने अपील भी की है, तो हाईकोर्ट में दोनों की एक साथ सुनवाई होती है। हाईकोर्ट सजा की पुष्टि करती है, तो आरोपी सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकता है। यहां भी सजा यथावत रहती है, तो आरोपी के परिजन राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेज सकते हैं। राष्ट्रपति के पास दया याचिका पर विचार के लिए कोई समय तय नहीं है। इसके बाद भी सुप्रीम कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर करने का विकल्प आरोपी के पास रहता है।
फैक्ट फाइल
सतना जिले के बहुचर्चित परसमनिया रेप कांड के अपराधी के खिलाफ अदालत डेथ वारंट भी जारी कर चुकी है। लेकिन, अन्य अपराधियों की तरह उसकी सजा भी रुकी है। अब सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में फिजिकल सुनवाई पूर्ववत बहाल हो गई है।
जबलपुर केंद्रीय जेल में मृत्युदंड से दंडित बंदी
फिरोज खान, सिवनी- सिवनी जिले के घंसौर थाना क्षेत्र में पांच वर्षीय बच्ची को 17 अप्रैल 2013 को क्रूरतम तरीके से हवस का शिकार बनाया। जिला अदालत ने 26 अक्टूबर 2013 को फिरोज को फांसी की सजा सुनाई, सुप्रीम कोर्ट में अपील लम्बित।
विजय रैकवार, सागर- सागर जिले के छिरारी गांव में विजय रैकवार ने साढ़े सात साल की बच्ची की सात दिसम्बर 2012 को बलात्कार के बाद हत्या कर दी। जिला अदालत ने 23 दिसम्बर 2013 को फांसी की सजा सुनाई, अपील सुको में लम्बित।
सचिन सिंगरहा, सतना- 23 फरवरी 2015 को सतना के इटमा निवासी पांच साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। गला घोंटकर उसकी हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया। 10 अगस्त 2015 को जिला अदालत से फांसी, सुप्रीम कोर्ट से सजा पर स्टे।
रविशंकर उर्फ बाबा विश्वकर्मा, नरसिंहपुर- 21 मई 2015 को चीचली के पास रविशंकर उर्फ बाबा विश्वकर्मा ने नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म किया। हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया। 19 जुलाई 2016 को जिला अदालत से फांसी की सजा, सुको में अपील लम्बित।
राजा व राजेश उर्फ राकेश- ग्वारीघाट जबलपुर निवासी राजेश उर्फ राकेश यादव, राजा यादव तथा ओमप्रकाश यादव ने 26 मार्च 2013 को पांच वर्षीय अजीत उर्फ बॉबी पॉल की 50 लाख रुपए फिरौती के लिए अपहरण के बाद हत्या कर लाश कुएं में फेंक दी। 29 दिसम्बर 2016 को जिला कोर्ट ने राकेश, राजा को फांसी की सजा सुनाई। सुको में अपील लम्बित।
भागचंद पटेल, छतरपुर- छतरपुर के महाराजपुर थानांतर्गत भागचंद पटेल ने 11 अक्टूबर 2015 को अपने सगे भाई ठाकुरदास और देवकी प्रसाद के साथ भतीजे अखिलेश की हत्या कर दी। जिला सत्र न्यायालय ने 4 अप्रैल 2017 को आरोपी को फांसी की सजा सुनाई, सुको में अपील लम्बित।
भगवानी मरकाम, सतीश, डिंडोरी- 14 अप्रैल 2017 को डिंडोरी जिले के गुझियारी गांव में पांच साल की बच्ची रात 11 बजे लापता हो गई। सुबह बालिका का शव मिला। भगवानी मरकाम और सतीश सिंह धूमकेती ने दुष्कर्म के बाद उसका गला घोंट दिया था। तीन नवम्बर 2017 को जिला अदालत ने फांसी की सजा सुनाई, सुको में अपील लम्बित।
विनोद उर्फ राहुल चौहथा, शहडोल- 13 मई 2017 को चार साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या कर दी। शव पास की झाडियों में छिपा दिया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने आरोपी को 28 फरवरी 2018 को फांसी की सजा सुनाई, अपील सुको में लम्बित।
अशोक रजक, नरसिंहपुर-नरसिंहपुर जिले के सांकल गांव में एक जनवरी 2017 को अशोक रजक ने वृद्ध मां की हत्या कर दी। उसने फावड़े से उसका सिर काट दिया। 12 मार्च 2018 को जिला अदालत ने फांसी की सजा सुनाई, सुको में अपील लम्बित।
रब्बू उर्फ सर्वेश सेन, सागर- 7 दिसम्बर 2017 को सागर के भानगढ़ थाने की 14 वर्षीय किशोरी को देवल गांव में रब्बू उर्फ सर्वेश सेन ने हवस का शिकार बनाया। उस पर केरोसिन डालकर आग लगा दी। अस्पताल में उसकी मौत हो गई। सत्र न्यायालय ने 20 अगस्त 2018 को आरोपी को मौत की सजा सुनाई, सुको में अपील लम्बित।
आनंद कुशवाहा, जबलपुर- 19 अगस्त 2018 को कटंगी में 19 वर्षीय आनंद कुशवाहा ने पांच साल की बच्ची के साथ ज्यादती कर गला घोंट कर हत्या कर दी। शव को सेप्टिक टैंक में छिपा दिया। जिला कोर्ट जबलपुर ने 19 दिसम्बर 2018 आनंद को फांसी की सजा सुनाई, सुको में अपील लम्बित।
श्याम सिंह उर्फ कल्लू, स्लीमनाबाद- पांच जून 2018 को कटनी जिले के स्लीमनाबाद थानांतर्गत एक गांव से सात वर्षीय बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म के बाद आरोपी ने उसकी चाकू मार कर हत्या कर दी। शव को बोरे में भरकर सूखे कुएं में फेंक दिया। 2 नवम्बर 2018 को जिला अदालत ने फांसी की सजा सुनाई। सुको में अपील लम्बित।
महेंद्र गोंड, सतना- 30 जून 2018 की रात स्कूल टीचर महेंद्र गोंड ने चार साल की बच्ची को अगवा कर जंगल में रेप किया। झाडिय़ों में मरा समझकर फेंक दिया। राज्य सरकार ने उसे तुरंत एक चार्टर्ड विमान से इलाज के लिए एम्स दिल्ली भेजा। नागौद सत्र न्यायालय ने 19 सितम्बर को आरोपी को फांसी की सजा सुनाई। 31 जनवरी को डेथ वारंट जारी।
Published on:
10 Dec 2021 11:48 am
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