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मप्र प्रदेश बजट 2021: अर्थशास्त्री और बिजनेसमैन को राहत की उम्मीद, जानें क्या कहा

मप्र प्रदेश बजट 2021: अर्थशास्त्री और बिजनेसमैन को राहत की उम्मीद, जानें क्या कहा  

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Singrauli: Mining College hopes, Medical will get budget

Singrauli: Mining College hopes, Medical will get budget

जबलपुर। केंद्र सरकार के बाद प्रदेश के सालाना बजट में आम आदमी राहत की उम्मीद कर रहा है। महीने के आखिर में आने वाले इस बजट में आम आदमी चाहता है कि प्रदेश सरकार महंगाई में कमी लाने के प्रयास करे। पेट्रोल और डीजल पर मध्यप्रदेश सरकार अपने हिस्से का टैक्स कम करे। इसी प्रकार नए निवेश के साथ ही रोजगार सृजन की दिशा में पुख्ता काम होना चाहिए। इससे अर्थव्यवस्था सुधरेगी। अलग-अलग क्षेत्रों के जानकार इस बजट को बहुत ज्यादा उत्साहजनक नहीं बता रहे हैं। उनका कहना है कि कोरोना के कारण खुद सरकार की हालत खराब है, ऐसे में पूर्व की तरह विभागों और योजनाओं को बहुत अधिक राशि आवंटित हो, इसकी सम्भावना कम है। शहर के लोग पूर्व घोषित योजनाओं को पूरा करने की उम्मीद कर रहे हैं। इसी प्रकार व्यापारी, उद्योगपति और मध्यमवर्गीय परिवार भी राहत चाहता है।

हर वर्ग को राहत की उम्मीद
महंगाई पर लगाम लगे, रोजगार के मौके बनें, तभी बनेगी बात

आत्मनिर्भर मप्र पर गम्भीरता जरूरी
महंगाई नियंत्रण के स्तर पर शासन के हाथ में ज्यादा कुछ नहीं है। वह बजट में कुछ नीतिगत निर्णय लागू कर सकती है। सरकार जबलपुर सहित प्रदेश के सभी जिलों में युवाओं को निवेश के लिए प्रोत्साहित करे। खाली पड़ी शासकीय भूमि स्टार्टटप के गु्रप को लीज पर दे। इससे रोजगार बढ़ेगा। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप के लिए बजट मिलने से विकास बढ़ेगा।
- डॉ. आशीष शर्मा, अर्थशास्त्री

पेट्रोल और डीजल पर वैट कम हो
बजट से आम आदमी को बड़ी उम्मीद है। प्रदेश सरकार को पेट्रोल और डीजल पर अपने मद का वैट कम करना होगा। इससे कीमतों में कमी आएगी। पेट्रोल और डीजल के बढ़ते मूल्यों का असर जरूरी चीजों पर होता है। बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नीति घोषित करनी चाहिए। इसमें निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित किया जाए। जबलपुर में इसकी व्यापक सम्भावनाएं हैंं।
- कमल ग्रोवर, व्यवसायी

स्वरोजगार योजनाओं को मिले बजट
कोरोना के कारण प्रदेश सरकार की स्वरोजगार योजनाएं बंद पड़ी हैं। इन्हें शुरू करने के लिए बजट में प्रावधान किया जाना चाहिए। पूर्व की उद्योगनीति में भी सुधार जरूरी है। कई तरह की सब्सिडी खत्म की गई हैं, यदि उन्हें चालू किया जाता है तो नए उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा। निजी इंडस्ट्री में आरक्षण व्यवस्था को शिथिल करना चाहिए। इससे नई इंडस्ट्री में रोजगार मिलना पहले जैसा आसान होगा।
- एमके मिश्रा, उद्योगपति