एमपी के नये चीफ जस्टिस ने जगन्नाथ मंदिर खोलने के लिए सुझाए थे प्रभावी उपाय

मध्य प्रदेश के 26वें चीफ जस्टिस बने मो. रफीक, कई फैसले बने हैं नजीर

By: Hitendra Sharma

Published: 03 Jan 2021, 08:54 AM IST

जबलपुर. हाईकोर्ट के नवनियुक्त 26वें चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक के सोमवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य नयायाधीश का पद संभालने जा रहे हैं। अलग-अलग हाईकोर्ट में कई फैसले नजीर बने हैं। ओडिशा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रहते हुए मोहम्मद रफीक और जस्टिस डॉ. बीआर सारंगी की पीठ के कोरोना संक्रमणकाल में पुरी के जगन्नाथ मंदिर खोले जाने के लिए चरणबद्ध व्यवस्था बनाई थी। इसके बाद २६ दिसंबर २०२० को मंदिर खोला गया। इसी तरह २१ अगस्त २०१९ को राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रहते हुए उन्होंने स्मोकिंग जोन के बाहर हुक्का परोसने पर रोक लगाई थी।

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मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तक का सफर
- 08 जुलाई, 1984 को प्रेक्टिस के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया।
- 07 जनवरी, 1999 को अतिरिक्त महाअधिवक्ता बने।
- 15 मई 2006 को राजस्थान हाईकोर्ट में बतौर जज नियुक्त हुए।
- 14 मई 2008 को राजस्थान हाईकोर्ट के स्थायी जज बने।
- 03 अप्रैल 2019 को हाईकोर्ट में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बने।
- 23 सितम्बर 2019 को दूसरी बार कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बने।
- 13 नवंबर, 2019 को मेघालय हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने
- 27 अप्रैल 2020 को ओडिशा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने
- 03 जनवरी 2021 को मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पद की शपथ लेंगे।

Hitendra Sharma
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