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MP education: शिक्षा विभाग हैरान, दो चरणों में भी कैसे खाली रह गईं 50 प्रतिशत सीटें

प्रवेश पर कोरोना का असर : यूजी में सबसे कम एडमिशनकॉलेजों में प्रवेश के दो चरण पूरे अब भी 50 प्रतिशत सीटें खाली

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new education policy

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जबलपुर। कोविड-19 का असर इस बार कॉलेजों में चल रही प्रवेश प्रक्रिया पर भी पड़ा है। प्रवेश प्रक्रिया के दो दौर समाप्त होने के बाद भी अधिकांश कॉलेजों में 50 प्रतिशत सीटें भी नहीं भर सकी हैं। सबसे खराब स्थिति यूजी में प्रवेश की है। इससे उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी भी हैरान हैं।

इस बार ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया में 2 लाख 8 हजार 487 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश के लिए विकल्प भरे थे, इसमें से 26 फीसदी यानी 53 हजार 546 विद्यार्थियों ने ही प्रवेश लिया है। जिले में करीब 15 हजार सीटों में से 6500 पर प्रवेश हुआ है। ऐसी स्थिति में अक्टूबर तक प्रवेश प्रक्रिया चलेगी। जानकारों के अनुसार कॉलेजों में ग्रामीण क्षेत्रों के साथ आसपास के जिलों कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडोरी आदि से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिए शहर आते हैं। कोरोना संक्रमण के कारण इस बार कम संख्या में छात्रों ने आवेदन किया है।

ओपन श्रेणी की सीटें
सीएलसी द्वितीय चरण के अंतर्गत रिक्त सीटें ओपन श्रेणी की होंगी। स्नातक स्तर पर सीएलसी द्वितीय चरण की तैयारी शुरू हो गई है। कॉलजों की लॉगिन पर अपडेट मेरिट सूची उपलब्ध रहेगी। कॉलेज प्रवेश समिति रिक्त सीटों के आधार पर उपलब्ध सूची में से प्रतिदिन सुबह 12 बजे आवेदकों की सूची एक्टिव करेगी। आवेदक ई-प्रवेश पोर्टल पर अपने लॉगिन से विकल्प चुनकर एक्टिव पाठ्यक्रमों में से किसी एक का चयन कर दूसरे दिन सुबह 11 बजे तक ऑनलाइन प्रवेश शुल्क का भुगतान कर प्रवेश प्रक्रिया संचालित करेंगे।

इस बार कॉलेजों में बेहद कम संख्या में प्रवेश हुए हैं। दूसरे जिलों से भी छात्रों ने प्रवेश नहीं लिया है। कुछ बड़े कॉलेजों को छोडकऱ अधिकांश में 50 फीसदी सीटें भी नहीं भरी हैं।
- डॉ. बीएन त्रिपाठी, प्रवेश प्रभारी, मानकुंवर बाई कॉलेज

ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया में छात्र-छात्राओं को रोज अपडेट रहने की आवश्यकता है। च्वॉइस फिलिंग के दौरान सही विषय नहीं चुनने के कारण भी छात्र-छात्राओं के नाम सूची में नहीं आ पाते हैं।
- डॉ. गीता शुक्ला, प्रवेश प्रभारी, होम साइंस कॉलेज