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जबलपुर/सिहोरा। केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक गांवों के विकास और ग्रामीणों की समस्या के निराकरण के लिए दिन-रात पहल कर रही है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं के निराकरण को लेकर अधिकारी बिल्कुल भी गम्भीर नही है। गांवों का दौरा करके अधिकारी सिर्फ समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दे रहे है। लेकिन दोबारा उन गांवों में झांकने तक नहीं जा रहे है। गुरुवार को कुछ ऐसा ही नजारा जनपद पंचायत मझौली की ग्राम पंचायत बरगी में देखने को मिला। जहां समस्या निवारण शिविर में ग्रामीण तो समय से पहूँच गए, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों पूरे समय गायब रहे। अधिकारियों के शिविर में नही पहूँचने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश था। आधे से अधिक ग्रामीण दो घण्टे के इंतजार के बाद वापस लौट गए।
ये है पूरा मामला
जिला पंचायत सीईओ के निदेज़्श पर जनपद पंचायत मझौली की ग्राम पंचायत बरगी में दस पंचायतों की हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ और समस्या निवारण शिविर 11बजे से आयोजित था। शिविर में समस्याओं के निराकरण को लेकर बाकायदा सभी गांवों में मुनादी कराई गई। ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर शिविर में समय पहूँच गए, लेकिन जनपद पंचायत के सभी विभागों, बिजली कंपनी, पीएचई, लोक निमाज़्ण विभाग सहित किसी भी विभाग के अधिकारी मौके पर नही पहूँचे।
बैरंग लौट ग्रामीण, जनप्रतिनिधि बोले
दोपहर एक बजे तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के शिविर में नही पहूँचने पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। शिविर में महगवां सरपंच विष्णु दुबे, बरगी सरपंच शैलेन्द्र साहू ने कहा कि बड़ी मुश्किल से किसी तरह ग्रामीणों को दस किलोमीटर दूर से लेकर पहूँचे, लेकिन यहां पर कोई भी अधिकारी नही आया। अब ग्रामीण हमको खरी-खोटी सुना रहे हैं। जब अधिकारियों को आना ही नही था तो शिविर को लेकर मुनादी क्यों पिटवाई। सभी दस ग्राम पंचायतों के सरपंच मामले को लेकर अधिकारियों की जिला पंचायत सीईओ से शिकायत करेंगे।
एसडीएम का कहना है
सिहोरा एसडीएम उमा माहेश्वरी के अनुसार शिविर में विभागों के जिन अधिकारियों को आना था आखिर वह क्यों नही आए, इसकी जानकारी ली जाएगी। साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
Published on:
03 May 2018 02:26 pm

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