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MP HIGH COURT: हथियार के सौदागरों को जमानत नहीं

हाईकोर्ट ने अर्जी की निरस्त
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जबलपुर

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Rahul Mishra

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Updated: 30 Jan 2018, 5:28 AM IST

 Arms dealers do not bail

Arms dealers do not bail

जबलपुर. मप्र हाईकोर्ट ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त के आरोप में रांझी पुलिस की गिरफ्त में आए दो आरोपितों को जमानत देने से इनकार कर दिया। जस्टिस अतुल श्रीधरन की कोर्ट ने प्रथम दृष्ट्या आरोप गम्भीर बताते हुए दोनों की अर्जियां निरस्त कर दीं। अभियोजन के अनुसार छह अक्टूबर 2017 को एसटीएफ भोपाल की टीम ने रांझी रोड पर एक कार रोकी। तलाशी के दौरान उसमें पिस्टल व 230 कारतूस बरामद हुए थे। कार के डैशबोर्ड पर दमोह कलेक्टर व कार्यपालिक दंडाधिकारी दमोह की सील भी जब्त की गईं। आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि वे पहले भी गोरखपुर जबलपुर निवासी जगदीश उर्फ जग्गू यादव व दमोह निवासी शेख साजिद को अवैध हथियार बेच चुके थे। जांच के दौरान खरीदने वालों से भी अवैध बरामद हुए थे। इस पर पुलिस ने उनके खिलाफ भी आम्र्स एक्ट की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया था। इसी मामले में जगदीश व साजिद की आेर से जमानत मांगी गई थी।_____________________________________________________________________________
आदिवासी की जमीन 50 लाख रुपए में बेची
जबलपुर. कटंगी रोड पर ग्राम रोंसरा में आदिवासी से मिलीभगत कर कुछ शातिरों ने उसकी जमीन को सामान्य बताकर 50 लाख में बेच दी। न्यायालय के आदेश पर सोमवार को विजय नगर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। लालचंद दसानी, अभिषेक सोनी, गोलू उर्फ अब्दुल शरीफ, कोमल यादव ने २०१५ में सांठगांठ कर कटंगी रोड पर ग्राम रोंसरा स्थित धन्नू भूमिया की करीब डेढ़ एकड़ जमीन का महानद्दा निवासी दीक्षित पटेल को ५० लाख में बेच दिया। जालसाजों ने धन्नू आदिवासी को धन्नू पटेल बनाकर पेश किया था। धन्नू की गोलू से दोस्ती है। गोलू ने स्टॉम्प पर धन्नू की जमीन का एग्रीमेंट किया और दीक्षित पटेल को बेच दी। इसके अलावा भी कई अन्य लोगों को भी बेचा है। दीक्षित पटेल तीन सालों से शिकायत दर्ज कराने को भटक रहा था। न्यायालय के आदेश पर गोहलपुर में जीरो पर कायमी हुई। वहां से सोमवार को केस ट्रांसफर होकर विजय नगर थाने पहुंचा तो शिकायत दर्ज की गई।