
vyapam scam latest decision by cm kamal nath
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने व्यापमं महाघोटाले के सूत्रधार व मास्टर माइंड मंडल के पूर्व सिस्टम एनालिस्ट नितिन मोहिंद्रा को हर सप्ताह सीबीआई के समक्ष हाजिरी देने में राहत प्रदान की है। चीफ जस्टिस हेमंत गुप्ता व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच ने दो मामलों में मोहिंद्रा की अर्जियां मंजूर कर लीं। कोर्ट ने व्यवस्था दी कि अब उसे महीने में एक दिन ही हाजिरी देनी होगी। मोहिंद्रा पर व्यापमं घोटालंे में 13 मामले दर्ज हैं।
इस खेल का बड़ा खिलाड़ी
नितिन मोहिंद्रा का नाम व्यापमं घोटाले के एक बड़े खिलाड़ी के रूप में उछला था। जुलाई 2013 में इंदौर में फर्जी परीक्षार्थियों के पकड़े जाने के बाद डॉ. जगदीश सागर ने मोहिंद्रा का भी नाम उगला था। इसके बाद एसटीएफ ने मोहिंद्रा को गिरफ्तार किया। अगस्त 2016 में उसे जमानत पर रिहा किया गया था। डॉ. जगदीश सागर और मोहिंद्रा से पूछताछ में जांच एजेंसियों को कई अहम सुराग और इस रैकेट से जुड़े बड़े रसूखदार तक पहुंचने में मदद मिली थी।
एक कैंडिडेट से १5-20 लाख
सीबीआई के अनुसार व्यापमं में फर्जीवाड़े से अभ्यर्थियों को पास कराने के खेल मोहिंद्रा अहम किरदार था। वह रोल नंबर इस तरह सेट करता था कि संबंधित परीक्षार्थी और स्कोरर पास में बैठ सकें। उसके इस मैनेजमेंट में व्यापमं के अन्य अधिकारी भी सहयोग करते थे। आलाधिकारियों से लेकर निचले कर्मचारियों की मिलीभगत और राजनीतिक संरक्षण के चलते पीएमटी में फेल को पास करने का खेल चल रहा था।
ये रसूखदार भी है आरोपित
व्यापमं घोटाले में प्रदेश के कई रसूखदार नेता, अधिकारी और बिजनेसमैन आरोपित है। पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा, व्यापमं के एक्जाम कंट्रोलर पंकज त्रिवेदी, सिस्टम एनालिस्ट अजय सेन और प्रोग्रामर सीके मिश्रा सहित कई आरोपित की व्यापमं घोटाले में भूमिका की जांच की गई है। ये आरोपित भी फिलहाल एमपी हाईकोर्ट से जमानत पर है। लेकिन व्यापमं घोटाले की जांच कर रही सीबीआई मोहिन्द्रा को अहम अनियमितताओं की अहम कड़ी मानकर जांच कर रही है।
Published on:
13 Jan 2018 10:47 am

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