
mp high court latest judgement in hindi and chit fund news today
जबलपुर। बंगाल की एक कंपनी ने शहर में आकर गजब की स्कीम चलाई। कंपनी ने लोगों को दो साल में उसका पैसा दोगुना वापिस करने का ऑफर दिया। भोले-भाले लोग कंपनी के झांसे में आ गए। ज्यादा ब्याज की लालच में कई लोगों ने अपने जिंदगी भर की कमाई कंपनी में जमा कर दी। करोड़ों रुपए की राशि निवेश के नाम पर वसूलने के बाद कंपनी अचानक बोरिया-बिस्तर बांधकर चंपत हो गई। निवेशकों को कंपनी का मैनेजर भी ढूंढे नहीं मिला। बाद में पुलिस ने मैनेजर मलय सासमल को गिरफ्तार किया। जिसने सोमवार को हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की। इसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
एडोरेबल एग्रोटेक लिमिटेड
अभियोजन के अनुसार चिटफंड कंपनी एडोरेबल एग्रोटेक लिमिटेड ने कई लोगों को झांसा दिया। इस मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने अधिक मुनाफे का लालच देकर गरीबों के करोड़ों रुपए हड़पने वाली चिटफंड कंपनी के मैनेजर को जमानत का लाभ देने से इनकार कर दिया है। जस्टिस राजीव कुमार दुबे की सिंगल बेंच ने आरोप गम्भीर व जनता की कमाई से जुड़ा पाते हुए आरोपित मैनेजर की अर्जी निरस्त कर दी।
यह है मामला
अभियोजन के अनुसार चिटफंड कंपनी ने जबलपुर में ब्रांच खोली। कंपनी के अधिकारियों, एजेंटांे ने बड़ी संख्या में निवेशकों को अधिक ब्याज का लालच देकर करोड़ों रुपए जमा करा लिए। इसके बाद कंपनी बोरिया-बिस्तर बांधकर चम्पत हो गई। पीडि़तों की शिकायत पर मदनमहल थाने में कंपनी के डायरेक्टर्स, मैनेजर, कर्मियों व एजेंट के खिलाफ भादंवि की धारा ४२० व अन्य तथा मप्र निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए गए।
मैनेजर गिरफ्तार
पुलिस ने लोगों की शिकायत पर कंपनी के मैनेजर मलय सासमल को मामले में आरोपी बनाया। मैनेजर की गिरफ्तारी के लिए कई जगह दबिश दी। पश्चिम बंगला के मेदिनीपुर जिले के निवासी मलय को आखिरकार को 12 जनवरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जिसे जेल भेज दिया गया। सासमल की ओर से इसी मामले में जमानत के लिए यह अर्जी दाखिल की गई थी।
Published on:
06 Mar 2018 07:14 pm
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