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Mp High Court का अहम फैसला, नीट परीक्षा में सही उत्तर टिक करने वाले को मिलेंगे अंक

हाईकोर्ट ने छात्रों को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के समक्ष आवेदन देने को कहा, तीन प्रश्नों के एक से अधिक सही उत्तर होने का मामला

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High Court jabalpur

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जबलपुर. मप्र हाईकोर्ट ने नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट ) परीक्षा 2019 में शामिल हुए छात्रों की याचिका पर कहा कि उन्होंने प्रश्न के एक से अधिक सही उत्तरों में से किसी एक सही उत्तर को टिक किया, तो उन्हें इसके अंक मिलेंगे। इसके लिए उन्हें परीक्षा संचालित करने वाली नेशनल टेस्ट एजेंसी को अभ्यावेदन देना होगा। इस मत के साथ एक्टिंग चीफ जस्टिस आरएस झा व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच ने याचिका निराकृत कर दी।

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यह है मामला
आदर्श नगर जबलपुर निवासी आदर्श कुमार सोनकिया, यादव कॉलोनी निवासी केशिका गुप्ता, नर्मदा नगर निवासी आरसी असरानी व अन्य की ओर से याचिकाएं दायर कर कहा गया कि उन्होने मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए नीट 2019 परीक्षा दी। लेकिन इस परीक्षा के प्रश्नपत्र में तीन प्रश्नों के उत्तर समुचित नहीं थे। लिहाजा उनसे इन प्रश्नों के उत्तर देने में गलती हो गई। अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने तर्क दिया कि परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी की गलती की वजह से याचिकाकर्ताओं को कम अंक मिलेंगे। जिससे उनकी रैंकिंग प्रभावित हो सकती है। लिहाजा इन प्रश्नों के अंक भी उन्हें दिए जाएं। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष इसी विषय को लेकर दायर याचिका की गई थी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने कोर्ट को बताया था कि जीवविज्ञान के कॉर्निया से संबंधित व रसायनशास्त्र के गैस के प्रसार व आयनिक प्रभाव से जुड़े दो प्रश्नों के दिए गए विकल्पों में से एक से अधिक सही उत्तर थे। इसलिए जिस छात्र ने इन प्रश्नों के एक भी सही उत्तर पर टिक किया, उसे अंक दिए जाएंगे। एजेंसी के इस बयान के आधार पर याचिकाकर्ताओं को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के समक्ष आवेदन देने का निर्देश देकर डिवीजन बेंच ने याचिकाएं निराकृ त कर दीं।