
एमपी राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में उपसचिव के नाम पर भर्ती में गडबड़ी- demo pic
High school teacher : मप्र हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती के लिए एनसीटीई के योग्यता नियमों को मान्य करते हुए शासन को पूरक भर्ती के आदेश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने पूरी प्रक्रिया दो माह शुरू कर 6 माह में पूरा करने को कहा। इसके साथ कोर्ट ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और दिव्यांगों को भविष्य की भर्तियों में निर्धारित अंकों में 5 प्रतिशत अंक की छूट दिए जाने का आदेश भी दिया। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने एनसीटीई नियम के अनुरूप योग्यता 50 प्रतिशत व 45 प्रतिशत के आधार पर नियुक्ति की व्यवस्था दी।
कोर्ट ने कहा कि एनसीटीई द्वारा सीनियर सेकेंडरी कक्षाओं के लिए निर्धारित योग्यताएं मप्र में हाई स्कूल शिक्षकों के लिए लागू होंगी। कोर्ट ने सरकार को स्वतंत्रता दी कि संशोधित एनसीटीई के नियमों को भूतलक्षी प्रभाव (बैकडेट) से लागू कर नियुक्ति प्रक्रिया को गति दें। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 2018 की चयन प्रक्रिया में नियुक्त हुए उम्मीदवारों को प्रभावित न किया जाए। वहीं 2023 की चयन प्रक्रिया के लिए सरकार पूरक चयन प्रक्रिया अपनाए व उन उम्मीदवारों को शामिल करें जो इस आदेश के तहत लाभ पाने के हकदार हैं।
भिंड के अवनीश त्रिपाठी सहित अन्य ने शिक्षक भर्ती नियम को चुनौती दी थी। कहा था, सरकार ने भर्ती के लिए बीएड के साथ पोस्ट ग्रेजुएट में द्वितीय श्रेणी की योग्यता तय की। प्रदेश में कुछ विवि ने 45 तो कुछ ने 50% अंकों को द्वितीय श्रेणी में रखा है। इससे उम्मीदवार प्रभावित हो रहे थे। कोर्ट ने कहा, यह भेदभाव नहीं किया जा सकता। एनसीटीई के सीनियर सेकंडरी कक्षा के लिए तय योग्यता मप्र में हाईस्कूल शिक्षकों के लिए लागू होंगी।
Updated on:
20 Mar 2025 02:01 pm
Published on:
20 Mar 2025 01:38 pm
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