7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बेदर्द मां ने ‘जिंदा बेटी’ को नाले में फेंका, घरवालों ने पूछा तो बोला ये झूठ

दिल दहला देने वाला बहुचर्चित आरोही हत्याकाण्ड: 7 सितंबर 2014 दिल दहला देने वाला बहुचर्चित आरोही हत्याकाण्ड, जब एक मां ने ही अपनी हंसती-मुस्कुराती 6 माह की बच्ची को बेदर्दी से मार दिया। 

4 min read
Google source verification

image

Abha Sen

Sep 29, 2016

aarohi

aarohi

जबलपुर। 7 सितंबर 2014 दिल दहला देने वाला बहुचर्चित आरोही हत्याकाण्ड, जब एक मां ने ही अपनी हंसती-मुस्कुराती 6 माह की बच्ची को बेदर्दी से मार दिया। वह भी सिर्फ इसलिए क्योंकि वह बेटी की वजह अपने बेटे की परवरिश ठीक से नही कर पा रही थी।

हत्यारिन शातिर मां की करतूत से जब पर्दा उठा तो आरोही के पिता के ही नही पूरे शहर के होश फाख्ता हो गए। मामले में जिला सत्र न्यायलय ने उभय पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मासूम को न्याय दिलाने आज हम एक बार फिर मां की सोची समझी और पुलिस के सामने गढ़ी गई झूठी कहानी का पन्ना पलट रहे हैं...

7 सितंबर को 2014 को जेक्सन कंपाउंड निवासी सुशील आहूजा की 6 माह की बेटी आरोही रहस्यमयी तरीके से लापता हो गई थी। आरोपी मां रितू आहूजा ने मामले में कहा कि वह नहाने गई थी तब आरोही पलंग पर बैठी थी। जब लौटी तो वह गायब हो चुकी थी। पुलिस ने प्रारंभ में इसे अपहरण, फिरौती का मामला समझकर तफ्तीश शुरू की, लेकिन...

बार-बार बदले बयान
घटना के पहले दिन से ही लापता बच्ची की मां रितु के बयान संदेहास्पद नजर आ रहे थे, जिससे यह सनसनीखेज मामला उलझता चला गया। घटना के दसवें दिन सुबह पुलिस ने रितु को अभिरक्षा में लिया और उससे सख्ती से पूछताछ की। करीब एक घंटे चली पूछताछ में रितु ने पूरी घटना का सच उगल दिया।

aarohi murder case jabalpur

पूछताछ में रितु ने बताया कि वह आरोही को एक कैरीबैग में रखकर रामपुर ले गई थी, वहां ले जाकर बच्ची को जीवित अवस्था में ही नाले में फेंक दिया। आरोपी रितु के बताए अनुसार घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस ने करीब पंद्रह फीट के दायरे में सघन तलाशी अभियान चलाया और बच्ची के अवशेष, कपड़े जिनमें बच्ची के गले का एक लॉकेट भी शामिल था। बरामद कर रितु के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया।

संदेह का घेरा और कैमरा
कटंगा क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे ने मां को संदेह के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया। दरअसल, जब रितु से घटना वाले दिन की दिनचर्या के बारे में पुलिस ने पूछताछ कर उसे क्रॉस चेक किया तो सच्चाई सामने आ गई। कटंगा क्षेत्र की एक दुकान में लगे कैमरे में बताए समय पर वह एक कैरी बैग के साथ जाते हुए तो दिखी, लेकिन आते वक्त कैरी बैग साथ में नहीं था। यहीं से पुलिस का शक पुख्ता हो गया था। जिसके बाद पुलिस का शिकंजा रितू पर कस गया।



हुआ मानसिक परीक्षण
रितु शादी नही करना चाहती थी लेकिन मां-बाप के दबाव की वजह से उसकी शादी कर दी गई। उसकी एक अन्य बेटी की मौत दूध पीने के दौरान संदेहास्पद परिस्थितयों में हो चुकी थी। जिसकी वजह से मानसिक परेशानी का संदेह भी हुआ, और पुलिस ने उसका परिक्षण कराया, लेकिन डॉक्टर्स ने उसे पूरी तरह स्वस्थ्य बताया।

रितू की पोल खुलने के बाद पूरे शहर में इस हाई प्रोफाइल मामले की चर्चा रही। लोगों का गुस्सा रितू के लिए बढ़ गया। उन दिनों पुलिस के लिए रितू को कोर्ट में पेश करना भी मुश्किल हो गया था।

aarohi murder case jabalpur

पुत गई कालिख
जब पुलिस आरोपी मां को सीजेएम कोर्ट के अंदर लेकर घुसी, वहां पर मौजूद अधिवक्ता नीलम दत्त हाथों में स्याही लेकर उसकी ओर दौड़ीं। हालांकि, पुलिस ने आरोपी रितु को बचाने की भरसक कोशिश की, फिर भी उसके चेहरे पर कालिख पुत ही गई। स्याही के दाग सीएसपी और टीआई की वर्दी में भी लग गए थे।

फैसला सुरक्षित
16 सितंबर 2014 से ही गिरफ्तार रितू की जमानत अर्जी दो बार खारिज हो चुकी थी। आरोपी रितू आहूजा की ओर से अधिवक्ता नरेंद्र निखारे और राज्य सरकार की ओर से एजीपी एलएस ठाकुर ने अपना पक्ष रखा। प्रकरण से संबंधित साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज पर गौर करने के बाद एडीजे राजेश श्रीवास्तव की अदालत ने अपना फैसला 24 सितंबर को सुरक्षित रख लिया था।

...और अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा
हाईप्रोफाइल आरोही हत्याकांड का फैसला आखिरकार आ ही गया। जिला अदालत ने हत्या की आरोपी मां रितू आहूजा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। फैसले के वक्त लोगों की निगाहें घर के टीवी से लेकर कोर्ट बाहर तक टिकीं रहीं। द्वितीय अपर जिला सत्र न्यायाधीश राजेश श्रीवास्तव की अदालत ने मामले में आरोपी मां रितू आहूजा को दोषी करार देते हुए फैसला सुनाया। आरोपी पर 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।

aarohi

ये भी पढ़ें

image