इस मंदिर में किसी भी तरह का दान स्वीकार नहीं किया जाता। रुपया,पैसा, नारियल या अन्य तरह की प्रसाद सामग्री चढ़ाने पर रोक है। इसके अलावा मांस, मदिरा का सेवन करने वाले लोगों का भी इस मंदिर में प्रवेश वर्जित है। बताया गया है कि वर्ष 2013 में जब नर्मदा में बाढ़ आई थी तब यह मंदिर डूब गया था। पानी उतरने पर मंदिर के प्रवेश द्वार पर नाग देवता की आकृति बनी मिली थी।