सुनवाई के बाद कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इन परियोजनाओं के डूब प्रभावित क्षेत्रों पर नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) का क्षेत्राधिकार है। लिहाजा राज्य माइनिंग अथॉरिटी इस जमीन पर माइनिंग लीज स्वीकृत नहीं कर सकती है। कोर्ट ने कहा कि कलेक्टर के समक्ष लंबित डूब प्रभावित किसानों की शिकायतें और जस्टिस कौशल आयोग की रिपोर्ट पर सरकार द्वारा उठाया जाने वाला कदम, दो अलग-अलग मुद्दे हैं। स्पष्ट किया गया कि आयोग की रिपोर्ट पर सरकार क्या कार्रवाई कर रही है, इससे प्रभावित हुए बिना कलेक्टर इन शिकायतों का निराकरण करें।