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नर्मदा भक्तों का सबसे बड़ा शहर, लोग हेलो, हाय कहना छोड़ कहने लगे… नर्मदे हर

यह कोई जोर जबरदस्ती के बल पर नहीं बल्कि आस्था और विश्वास के बल पर संभव हो पाया है

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basant panchami: narmada jayanti celebration jabalpur

basant panchami: narmada jayanti celebration jabalpur

जबलपुर। पतित पावनी पुण्य पावनी मां नर्मदा का जन्म उत्सव प्रदेश ही नहीं समूचे भारत में धूमधाम से मनाया जा रहा है। बुधवार को नर्मदा के उद्गम से समागम तक भक्तों का रेला मां को शुभकामनाएं देने और चरण वंदना करने घाटों पर पहुंचेगा। कोई माता को दीप अर्पित करेगा तो किसी ने भूख भंडारा प्रसाद आदि वितरण की व्यवस्था कर रखी है। सभी भक्त अपने सामर्थ्य के अनुसार माता को भेंट अर्पित करेंगे।
नर्मदा जयंती के अवसर पर हम आपको एक ऐसे शहर से परिचय कराने जा रहे हैं, जहां के लोगों के रोम रोम में नर्मदा कण कण बसी हुई है। यहां सुबह भी नर्मदा से होती है और रात भी। लोग गुड मॉर्निंग, गुड नाइट, हेलो, हाय के बजाय माता का नाम लेना अधिक पुण्यदाई समझते हैं। यह कोई जोर जबरदस्ती के बल पर नहीं बल्कि आस्था और विश्वास के बल पर संभव हो पाया है।
यहां हेलो हाय के बजाय ओम माई की, नर्मदे हर या फिर जय हो माई की...जैसे शब्दों का उपयोग किया जाता है। हम बात कर रहे हैं जबलपुर शहर की, जिसे मां नर्मदा के पावन तट पर बसी संस्कारधानी के नाम से भी जाना जाता है।
नर्मदा तट जबलपुर पर मां नर्मदा की विशेष कृपा है। धन धान्य से लेकर सुख समृद्धि और सूखे कंठों को तर करने वाली पुण्य नर्मदा के सभी शहरवासी ऋणी है। यहां मां नर्मदा के भक्तों की संख्या गिनना असंभव है। जाति, धर्म, भेदभाव से ऊपर सभी नर्मदा भक्त एक है। माई के जय कारे से दिन की शुरुआत होती है और माई के जयकारे से ही रात्रि विश्राम। यह आश्चर्य की बात नहीं होगी कि यहां पर आम दिनों में भी हजारों की संख्या में स्थानीय युवा, नागरिक, महिलाएं मां नर्मदा के दर्शन पूजन को नित्य जाया करते हैं। यह मां नर्मदा का पुण्य प्रताप ही है कि इस शहर पर किसी भी प्रकार की विपदा नहीं आ पाती।

नर्मदा चिंतक समर्थ भैयाजी सरकार के अनुसार मां नर्मदा के दर्शनों से जो पुण्य मिलता है वह किसी भी नदी में स्नान करने से कहीं ज्यादा है। साकेत धाम संस्थापक स्वामी गिरीशानंद महाराज के अनुसार मां नर्मदा का जो भी स्मरण प्रातः कर लेता है उस के दिन दुख से दूर सुख की ओर मुड़ जाते हैं। यही कारण है कि जबलपुर के लोग मां नर्मदा के प्रति अपनी आस्था भक्ति प्रकट करने और पहचान बताने की हम नर्मदा तट वासी हैं। इसलिए नर्मदे हर, ओम माई की और जय हो माई की जैसे पुण्य शब्दों का उपयोग करते हैं।
अपील
मां नर्मदा के समस्त भक्तों से पत्रिका परिवार अपील करता है कि मां नर्मदा को निर्मल स्वस्थ स्वस्थ स्वस्थ रखने के लिए इसमें किसी भी प्रकार का प्रदूषण ना करें और ना ही किसी को करने दें। संकल्प करें कि मां नर्मदा को निर्मल और दाग रहित (जिसमें नाले की गंदगी हमारे द्वारा छोड़ा गया कचरा शामिल हो) मुक्त रखेंगे।

नर्मदा जयंती की सभी को शुभकामनाएं।