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जबलपुरवासियों आपके शहर से गुजरी नर्मदा मैली हो रहीं…?

जबलपुर नगर निगम के जिम्मेदार अफसर उदासीन, दर्जनों नाले सिर्फ जबलपुर शहर में ही निर्मल जल को को कर रहे प्रदूषित  

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Narmada continues to rise above Danger label for 12 hours

Narmada continues to rise above Danger label for 12 hours

जबलपुर। बाकी तमाम नदियों के तुलना में साफ और स्वच्छ नर्मदा नदी में भी गंदे नालों का पानी भारी मात्रा में मिल रहा है। जबलपुर में नर्मदाजल को खासकर के दो नाले बुरी तरह से गंदा कर रहे हैं। अफसरों में अपनी जिम्मेदारी का बोध नजर नहीं आ रहा है। इन नालों को न तो नदी में मिलने से रोका जा रहा और न ही इनकी गंदगी के शोधन की व्यवस्था की जा रही है। 19 फरवरी को नर्मदा जयंती पर होने वाले आयोजन में सूबे के अलावा दूरदराज के लोग भी ग्वारीघाट आकर इस गंदगी का नजारा देखेंगे। वे बैक्टीरियायुक्त जल से बीमार भी हो सकते हैं। संस्कारधानी का संत समाज भी नगर निगम की इस लापरवाही पर खासा नाराज नजर आ रहा है।
दावे निकले खोखले
नर्मदा में गंदे नाले रोकने के तमाम दावे अब तक खोखले ही साबित हुए है। नगर निगम, जिला प्रशासन के साथ ही जनप्रतिनिधियों ने हर बार नर्मदा को गंदगी से मुक्त करने के बढ़-चढ़कर वादे-दावे किए। नगर निगम ने हर बजट में लाखों की राशि का प्रावधान भी किया, लेकिन आज तक इन गंदे नालों को रोकने कोई भागीरथी प्रयास नहीं हो सके। शहर में नर्मदा के मुख्य घाट ग्वारीघाट के खारीघाट और सिद्धघाट में ही दो नालों सहित कई नालियों का गंदा बैक्टीरियायुक्त पानी नर्मदा में समाहित हो रहा है। नगर निगम के जनप्रतिनिधि, अधिकारियों के प्रयास दरोगाघाट के पास सिर्फ दो ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर ही सीमित रह गए। नगर निगम ने दरोगाघाट के पास करीब साढ़े 5 लाख लीटर क्षमता के दो ट्रीटमेंट प्लांट लगाए। पूर्व महापौर प्रभात साहू के कार्यकाल में 50 लाख की लागत से एक लाख लीटर का ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया था। पूर्व महापौर स्वाति गोडबोले ने इसकी क्षमता बढ़ाते हुए एक करोड़ 65 लाख रुपए की लागत से 4 लाख 50 हजार लीटर क्षमता दूसरा प्लांट लगवाया। इसमें से एक लाख लीटर पानी साफ करने वाला प्लांट बेकार हो गया है, जो अधिकतर समय बंद ही रहता है। जबकि, दूसरा जल्द ही ओवरफ्लो हो जाता है, जिससे उसे बार-बार बंद करना पड़ता है।

इन्होंने इतना खर्च किया
- पूर्व महापौर सुशील सिंह - 47 लाख
- पूर्व महापौर प्रभात साहू - 50 लाख
- निवर्तमान महापौर स्वाति गोडबोले - 1 करोड़ 65 लाख
ग्वारीघाट में इस तरह मिल रही गंदगी
ग्वारीघाट स्थित खारीघाट व सिद्धघाट में दो गंदे नालों सहित कुछ नालियों का पानी नर्मदा में मिल रहा है। आसपास के होटल, दुकान और कॉलोनियों से निकली सीवेज की गंदगी भी नर्मदा में समा रही है।