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नर्मदा के इस घाट की बदल जाएगी तस्वीर

मैदान में चारो ओर बैठक व्यवस्था विकसित की जाएगी

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Ghat will change picture

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जबलपुर । नर्मदा के इस घाट की अब तस्वीर बदल जाएगी सांस्कृतिक, धार्मिक आयोजन, मेला व बड़ी सभाएं आयोजित करने ग्वारीघाट मैदान को संवारा जाएगा। जनभागीदारी फं ड के 4० लाख रुपए खर्च करके मैदान में चारों ओर बैठक व्यवस्था विकसित की जाएगी। इस मैदान के समतलीकरण का काम पूर्व कलेक्टर महेशचंद्र चौधरी ने कार्पोरेट सोशल रेस्पोंसबिलटी (सीएसआर) के तहत कराया था, उन्होंने जनभागीदारी मद की राशि भी मैदान के विकास के लिए उपलब्ध कराई थी। अब मैदान को दिल्ली के रामलीला मैदान की तर्ज पर विकसित किया जाना है। जिससे की शहर को अगले कई सालों तक वृहद आयोजनों के लिए सर्वसुविधा युक्त मैदान उपलब्ध हो सके।


ट्रेफिक जाम की समस्या नहीं

मैदान तीन सड़कों से जुड़ा है, इसके कारण यहां ट्रेफिक जाम की समस्या नहीं है। ट्रेफिक को मुख्य मार्ग के साथ ही तिलहरी मार्ग व कॉलोनियों से होकर रेत नाका पहुंच मार्ग में भी डायवर्ट किया जा सकता है।


हरा-भरा बनेगा मैदान

चारों और पौधरोपण कर मैदान को हरा-भरा बनाया जाएगा। दो जुलाई से शुरू होने वाले पौधरोपण अभियान के तहत मैदान में पौधे रोंपे जाएंगे। 15 एकड़ से ज्यादा का स्थान । 30 लाख से ज्यादा राशि में सीएसआर से कराया गया था समतलीकरण । 02 से 2.5 लाख तक लोग हो सकते हैं शामिल। 02 बड़े समीपस्थ मैदानों में पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह । पंजाबी दशहरा का सफल आयोजन, नर्मदा जयंती पर हुई व्यवस्थित पार्किंग। 03 प्रमुख मार्गों से जुड़ाव के कारण जाम की समस्या
भी नहीं । आवश्यकता होने पर वन वे यातायात व्यवस्था का विकल्प ।


स्थाई प्रकाश व्यवस्था की दरकार
जानकारों का मानना है कि मैदान में चारों ओर स्थाई एलइडी लाइट व हाइमास्ट लाइट लगाई जाना चाहिए।


डेढ़ साल पहले खाली कराया था
मैदान को बहुउद्देश्यीय स्वरूप में विकसित करना जिला प्रशासन के अधिकारियों का ड्रीम रहा है। डेढ़ साल पहले यहां से कब्जे हटाए गए थे।