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रुसी छात्राओं ने नर्मदा को बताया अप्रियतम, पढ़ाई के साथ जानी संस्कृति

रुसी छात्राओं ने बताए अनुभव, पहली बार किया पर्व सेलिब्रेट, सीखने का मिला अवसर, कल वापस होगा रवाना दल

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जबलपुर. रुस से अध्ययन के लिए वेटरनरी विश्वविद्यालय आया छात्रों के दल को पढ़ाई के साथ ही शहर की धर्म- संस्कृति भी खूब भाई। शहर में रहकर अध्ययन करने के दौरान रुस से आई छात्राओं ने अपने अनुभव और विचारों को साझा किया। उन्होने कहा कि पहली बार वे अपने देश से इतर किसी दूसरे देश में जाकर अध्ययन करने के लिए पहुंची। यह उनके जीवन में एक शानदार अनुभव था जो हमेशा के लिए चिरस्थाई हो गया है। इस दौरान वेटरनरी विश्वविद्यालय की और से सभी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। पहली बार देखने, सीखने का मिला मौका
रुस की नवोब्रिक्स स्टेट एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से आई डियाना जो ने कहा कि एक माह के दौरान उन्हें बहुत कुछ सीखने और जानने का मौका मिला है। कई ऐसी चीजें भी थी जिन्हें उन्हाेंने अपने जीवन में पहली बार देखने और सीखने का मौका मिला। पोल्ट्री फार्मिंग, थेरियोजेनोलॉजी तकनीक, फिशरी कल्टीवेशन के क्षेत्र में व्यापक काम हो रहे हैं। डियाना ने कहा कि दीपावली पर्व को भी पहली बार सेलिब्रेट करने का मौका मिला। नॉलेज ही नहीं बल्कि धर्म संस्कृति के मामले में भी यह शहर हटकर है।
वोल्गा की तरह है नर्मदा
पोलिन एवं लीजा ने कहा कि यह पढाई के साथ ही शहर के पयर्टन स्थलों का भी भ्रमण करने का मौका मिला है। नर्मदा नदी रुस की महत्वपूर्ण वोल्गा नदी की तरह है जिसे रुस की गंगा कहा जाता है जो कि आस्था का केंद्र है। जो सबसे पवित्र और लंबी नदी में गिनी जाती है। भेड़ाघाट की संगमरमरी खूबसूरती, मां नर्मदा नदी, और फॉल को देखना उनके लिए अविस्मरणीय बन गया है। निश्चित ही यह शहर अध्ययन और पयर्टन में कहीं भी पीछे नहीं हैं। उन्होने कहा कि यदि मौका मिला तो वह डॉक्टरेट की पढ़ाई के लिए यहां आएंगी।
छात्राओं को किया सम्मानित
दो माह अध्ययन के बाद छात्राओं का यह दल शनिवार को वापस रुस रवाना होगा। इस दौरान विश्वविद्यालय की और से कुलपति प्रोफेसर डॉ.एसपी तिवारी द्वारा छात्राओं को सम्मानित किया गया। साथ ही उन्हे सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। इस दौरान विश्वविद्यालय प्रबंधन के बीच छात्राओं ने अपने अनुभवों को भी साझा किया। कुलपति डॉ.तिवारी ने कहा कि इंटरएक्सचेंज स्टूडेंट प्रोगाम के तहत पहली बार इसकी शुरुआत की गई जिसमें हमारे विवि के छात्र रुस गए और वहां के छात्र यहां आए। विदेश से आए छात्र हमारे लिए मेहमान की तरह हैं यहां से सीखे ज्ञान विज्ञान और संस्कृति को भी रुस में सभी के समक्ष रखेंगे। इस दौरान कुलसचिव डॉ.श्रीकांत जोशी, डॉ.सुनील नायक, डॉ.आदित्य मिश्रा, डॉ.एपी सिंह, डॉ.आरके शर्मा,डॉ.सोना दुबे आदि मौजूद थे।