
narmada mission
जबलपुर। नर्मदा मिशन के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को नर्मदा के हरित क्षेत्र में अवैध निर्माण, खनन और भंडारण का आरोप लगाकर सिविक सेंटर में प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश तो कहा-सुनी और उनके बीच झड़प भी हो गई। कुछ कार्यकर्ता पैदल कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने पहुंचे गए। वहां उन्हें बैरिकेड्स लगाकर रोका गया। भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया कि 48 घंटे में कार्रवाई नहीं होती, तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा।
हरित क्षेत्र में निर्माण-खनन पर कार्रवाई नहीं करने का लगाया आरोप
नर्मदा मिशन के कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, झूमाझटकी
नर्मदा मिशन के समर्थ भैया सरकार के साथ एक प्रतिनिधिमंडल ने इस विषय को लेकर दोपहर में कलेक्टर कर्मवीर शर्मा से मुलाकात की। उन्हें दस्तावेज सौंपकर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन तिलवार स्थित नर्मदा के हरित क्षेत्र में दयोदय संस्था की ओर से किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय ने अलग-अलग तिथियों पर विस्तृत आदेश पारित कर प्रशासन को हरित क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण किए जाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। लेकिन, प्रशासन वहां अवैध गतिविधियों को नजरअंदाज कर रहा है। इससे नर्मदा को खतरा उत्पन्न हो गया है। उन्होंने अपनी मांग में कहा कि नर्मदा के हरित क्षेत्र एचएफ.एल से 300 मीटर तक के समस्त क्षेत्र को उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार सीमांकन कर प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर संरक्षित किया जाए। हरित क्षेत्र में निर्माण, भंडारण, खनन पर तत्काल रोक लगाएं। इस दौरान भारत सिंह यादव, शिव यादव, नीलेश रावल, राजेश यादव, छोटे राव, प्रतीक, कमलेश सिंह, ऋषि यादव, रामकुमार, मंझले मिश्रा, संजीव डेलन व जितिन सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
Updated on:
03 Nov 2020 11:44 am
Published on:
03 Nov 2020 11:44 am
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