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ये हैं कल्चुरि शासकों की कुलदेवी, नवरात्र पूजा के लिए यहां खुद आते थे राजा

नवरात्रि पर्व की शुरूआत हो चुकी है। भक्त लंबी कतारों में लगकर माता के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं। शहर के मंदिरों का नजारा आज सुबह से ही कुछ ऐसा ही रहा।

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Abha Sen

Oct 01, 2016

badi khermai

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जबलपुर। नवरात्रि पर्व की शुरूआत हो चुकी है। भक्त लंबी कतारों में लगकर माता के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं। शहर के मंदिरों का नजारा आज सुबह से ही कुछ ऐसा ही रहा। शहर का सुप्रसिद्ध देवी स्थान भानतलैया स्थित माता बड़ी खेरमाई मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ सुबह से ही देखी गई।

यहां नवरात्र पर विशेष मेले का आयोजन किया जाता है। साथ ही मंदिर की प्रसिद्धि इतनी अधिक है कि लोग रात के 3 बजे से ही देवी दर्शनों के लिए कतार में लग जाते हैं। बरसों से नवरात्र पर्व पर ये नजारा देखने मिलता है जो आज भी जारी है।
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भानतलैया स्थित बड़ी खेरमाई मंदिर कल्चुरि कालिन शासकों की कुलदेवी हैं। भक्तों की मान्यता है कि यहां पूजन-अर्चन से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। बुजुर्ग बताते हैं कि कल्चुरी कालीन राजा जाजल्य देव ने तापस मठ की स्थापना की थी, वह मठ बड़ी खेरमाई मंदिर ही है। यहां नवरात्र पूजन के लिए स्वयं राजा महाराजा आया करते थे।


देवी का ये प्राचीन मंदिर 10-11 वीं शताब्दी का बताया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार कल्चुरिकाल में तापस मठ काफी प्रसिद्ध था। कई राजाओं और प्रजा की खासी आस्था यहां से जुड़ी थी। मंदिर अनेक मान्यताओं के लिए भी प्रचलित है।

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