भानतलैया स्थित बड़ी खेरमाई मंदिर कल्चुरि कालिन शासकों की कुलदेवी हैं। भक्तों की मान्यता है कि यहां पूजन-अर्चन से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। बुजुर्ग बताते हैं कि कल्चुरी कालीन राजा जाजल्य देव ने तापस मठ की स्थापना की थी, वह मठ बड़ी खेरमाई मंदिर ही है। यहां नवरात्र पूजन के लिए स्वयं राजा महाराजा आया करते थे।