जबलपुर में बढ़ेगी बिजली की मांग, बदल रहे ट्रांसफाॅर्मर, मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी और ओएंडएम में काम में आई तेजी
वर्तमान स्थति
प्रदेश में वर्तमान में बिजली की मांग : 8750 मेगावाॅट
नवरात्र के दौरान नवंबंर में मांग : 10 हजार मेगावॉट
दिसम्बर तक प्रदेश में मांग : 14 से 15 हजार मेगावॉट लगभग
जबलपुर। शारदेय नवरात्र शुरू होते ही जिले समेत प्रदेशभर में बिजली की मांग बढ़ेगी। नवरात्र में जहां पूरा प्रदेश बिजली से रोशन होगा, वहीं इसके बाद रबी सीजन की सिंचाई शुरू हो जाएगी। इसके लिए मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी समेत जबलपुर संभाग के ओएंडएम द्वारा ट्रांसफाॅर्मर और खराब बिजली लाइनों को बदला जा रहा है। प्रदेश में वर्तमान में बिजली की मांग आठ से नौ हजार मेगावॉट है। अक्टूबर में मांग 10-11 हजार मेगावॉट तक पहुंच सकती है। नवंबर और दिसम्बर में बिजली की मांग बढ़कर 12-14 हजार मेगावॉट तक पहुंच सकती है।
पिछले साल की अपेक्षा 14.7 प्रतिशत ज्यादा
जानकारी के अनुसार प्रदेश में 22 अप्रेल, 2022 को बिजली की अधिकतम मांग 12 हजार 680 मेगावाॅट थी। यह अप्रेल 2021 की तुलना में 14.7 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह एक मई, 2022 को 12 हजार 531 मेगावाॅट बिजली की मांग रही, जो मई 2021 की तुलना में 25.3 प्रतिशत ज्यादा थी। बिजली की औसत मांग भी मई 2021 की तुलना में मई 2022 में 24 प्रतिशत ज्यादा रही।
दिसम्बर में बढ़ी थी मांग
21 दिसम्बर 2021 को प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 15,427 मेगावाॅट रही। 16 से 20 दिसम्बर 2021 तक अधिकतम मांग 15,000 मेगावाॅट से अधिक थी। जबकि 2020-2021 में 31 दिसंबर को प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 15,425 दर्ज हुई थी।
रबी सीजन के चलते तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। प्राथमिकताओं के आधार पर ट्रांसफाॅर्मर बदले जा रहे हैं। जहां आवश्यकता है, वहां पुरानी लाइनों को हटाकर नई लाइनें डाली जा रही हैं।
नीरज कुचया, अधीक्षण अभियंता, ओएंडएम