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neet- इन डॉक्टर्स ने फर्जी तरीके से लिया डेंटल कॉलेजों में एडमिशन, अब हुआ ये हाल

एमपी मेडिकल यूनिवर्सिटी ने निरस्त किए 44 छात्रों के प्रवेश, एमडीएस की कर रहे थे पढ़ाई

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जबलपुर। अपने पेशे में विशेषज्ञ की डिग्री हासिल करने के लिए कई डॉक्टरों ने नैतिकता ही ताक पर रख दी। बीडीएस कर चुके इन चिकित्सकों ने अपने रसूख के दम पर फर्जीवाड़ा करके एमडीएस में दाखिला ले लिया। प्रदेश के डेंटल कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई कर रहे ऐसे 44 छात्र-छात्राओं के एडमिशन में गड़बड़झाले की पोल उस वक्त खुली जब एमपी मेडिकल यूनिवर्सिटी ने एक पत्र के आधार पर मामले की जांच कराई। जांच में पाया गया कि पीजी में प्रवेश के लिए अर्हताकारी प्रवेश परीक्षा नीट के बिना ही कुछ कॉलेजों ने नियमों को दरकिनार करके छात्रों को एमडीएस की सीटें आवंटित कर दी। ऐसे 44 छात्र-छात्राओं के प्रवेश गुरुवार को मेडिकल यूनिवर्सिटी ने निरस्त कर दिए है।
ऐसे सामने आया था मामला
डेंटल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया की शिकायत आरटीआई एक्टिविस्ट आनंद राय ने की थी। इंडियन डेंटल काउंसिल तक मामला पहुंचने के बाद मेडिकल यूनिवर्सिटी ने मामले की जांच कराई। इसके लिए एक हाई पॉवर कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी की भोपाल में कुछ दिन पहले बैठक हुई। इसके बाद कमेटी ने समस्त डेंटल कॉलेजों से एमडीएस में प्रवेशित छात्र-छात्राओं के आवश्यक दस्तावेज 14 सितंबर तक तलब किए थे। जिन छात्र-छात्राओं के दस्तावेज यूनिवर्सिटी को निर्धारित अवधी में प्राप्त नहीं हुए उनके नामांकन निरस्त कर दिए गए है।
प्राइवेट कॉलेजों ने छिपाएं दस्तावेज
मेडिकल यूनिवर्सिटी ने प्रदेश के समस्त डेंटल कॉलेजों से एमडीएस में प्रवेशित छात्र-छात्राओं के दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। सूत्रों के अनुसार एमयू के निर्देश के बावजूद सिर्फ 3 डेंटल कॉलेजों ने ही छात्रों के प्रवेश संबंधी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं। ये सभी कॉलेज सरकारी बताएं जा रहे है। किसी भी प्राइवेट कॉलेज ने अभी तक एमडीएस में प्रवेशित छात्रों का ब्योरा प्रस्तुत नहीं किया है। ऐसे में संदेह जताया जा रहा है कि इन कॉलेजों ने नीट और उसकी मेरिट को दरकिनार करके छात्रों को एमडीएस में प्रवेश दिए है।
इंडियन डेंटल काउंसिल को भेजे रिकॉर्ड
यूनिवर्सिटी द्वारा एमडीएस में प्रवेश लेने वाले छात्रों का ब्योरा इंडियन डेंटल काउंसिल को प्रेषित किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार एमयू के छात्रों के नामांकन निरस्त करने के बाद इंडियन डेंटल काउंसिल की कार्रवाई की गाज 44 छात्रों पर गिर सकती है। इन छात्र-छात्राओं को कॉलेज से डिस्चार्ज करने पर अंतिम निर्णय काउंसिल करेगी।
प्रारंभिक जांच के बाद कार्रवाई
एमडीएस कोर्स में प्रवेश लेने वाले जिन डॉक्टर्स के रिकार्ड की जांच की गई है। प्रारंभिक जांच के बाद ४४ के नामांकन निरस्त कर दिए हैं। तीन निजी डेंटल कॉलेजों ने अभी तक 9 के रिकार्ड दिए हैं।
डॉ. आरएस शर्मा, कुलपति, मध्यप्रदेश मेडिकल सांइस यूनिवर्सिटी