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82 हजार छात्रों की नहीं लग रही ई-अटेंडेंस

अधिकारियों की स्कूलों को दी गई हिदायत बेअसर

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जबलपुर. स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने के लिए जिले के स्कूलों में नए साल से स्टूडेंट अटेंडेंस सिस्टम (एसएएस) अनिवार्य कर दिया गया है। लेकिन, स्कूलों में इस पर अमल नहीं हो रहा है। जिले के करीब एक लाख 40 हजार छात्रों में से करीब 82 हजार छात्रों की ऑनलाइन अटेंडेंस नहीं लग रही है। शिक्षा विभाग ऐसे स्कूलों के प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
ऑनलाइन अटेंडेंस की नई व्यवस्था लागू करने से पहले विभाग की ओर से जिलेवार और स्कूलवार छात्र-छात्राओं का डेटा बैंक तैयार किया गया है। संचालक राज्य शिक्षा केंद्र आईरिन सिंथिया जेपी ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, डीपीसी, जेडी को सख्ती के साथ इस प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षकों को भी जानकारी दी जा चुकी है। इसके बाद भी स्कूलों में लापरवाही हो रही है। ऐसे स्कूलों के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
नहीं चलेगा नेटवर्क न होने का बहाना- जानकारों के अनुसार शिक्षक बिना इंटरनेट के भी एम शिक्षा मित्र ऐप के माध्यम से छात्र-छात्राओं की उपस्थिति की संख्या फीड कर सकेंगे। शिक्षक जब भी इंटरनेट की कनेक्टिविटी में आएंगे तो डाटा खुद ही फीड होकर पोर्टल पर नजर आने लगेगा। इसलिए शिक्षक अब स्कूल में नेटवर्क नहीं होने का बहाना नहीं कर सकेंगे।
अभी तक ये होता था - स्कूलों में अभी तक अटेंडेंस सिस्टम मैनुअली था। शिक्षक रजिस्ट्रर में छात्रों की उपस्थिति दर्ज कर विभाग को भेज देते थे। नई व्यवस्था लागू होने से जिला शिक्षा अधिकारी सहित भोपाल में आयुक्त भी प्रदेश के किसी भी स्कूल की उपस्थिति पर नजर रख सकेंगे।

जिले में अटेंडेंस की स्थिति
1,39,031 छात्र हैं शासकीय स्कूलों में
82,340 छात्रों की पोर्टल पर नहीं फीड हो रही ऑनलाइन उपस्थिति
प्राइमरी स्कूल
79,413 छात्र हैं प्राइमरी स्कूल में
31,652 छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज
माध्यमिक स्कूल
59618 छात्र हैं माध्यमिक स्कूलों में
25039 छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज


नए साल से स्कूलों में ऑनलाइन अटेंडेंंस की नई व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू कर दी गई है। स्कूलों और शिक्षकों को भी नई व्यवस्था की जानकारी दी जा चुकी है। इसके बावजूद 40-45 फीसदी अटेंडेंस लग रही है। सभी बीआरसी को मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। लापरवाही करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
डीके श्रीवास्तव, सहायक जिला परियोजना समन्वयक