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आखिरकार लापरवाही फिर पडऩे लगी भारी

जबलपुर में कोरोना संक्रमण ने फिर पसारे पांव, जिले में कोरोना संक्रमण के केस बढ़े, नए क्षेत्रों में पहुंच रहा संक्रमण

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जबलपुर। कोरोना से बचाव में लापरवाही से संक्रमण ने जबलपुर शहर में फिर पांव पसार लिए हैं। बीते चार-पांच दिन में नए संक्रमित बढऩे के साथ शहर के कोने-कोने तक कोरोना पहुंच गया है। कुछ दिन से मरीज बढऩे के साथ प्रतिदिन एक नए क्षेत्र में संक्रमण का प्रवेश हो रहा है। कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग बंद होने के कारण कोरोना के फैलाव का खतरा बढ़ गया है। जानकारों के अनुसार यदि अब भी कोरोना प्रोटोकॉल की पालना में ढिलाई बरती गई तो वायरस बेकाबू हो सकता है। चिकित्सकों के अनुसार अभी सामने आ रहे कोरोना के नए मरीजों में ज्यादातर की ट्रैवल हिस्ट्री है। इसके अलावा घर से बार ज्यादा घूमने वाले लोग संक्रमण की जकड़ में आ रहे हैं। इनके जरिए घर के बाकी सदस्य तक कोरोना पहुंच रहा है। शादी-पार्टी एवं अन्य भीड़ वाली जगह और समारोह में शामिल होने वाले भी संक्रमित हो रहे हैं।
पॉश एरिया में ज्यादा नए केस
पिछले वर्ष मार्च में जब कोरोना की शुरुआत हुई थी तो निचली बस्तियों और तंग क्षेत्रों में संक्रमण तेजी से फैला था। लेकिन हाल में मिल रहे नए मरीज पॉश एरिया से ज्यादा हैं। इसमें भी ज्यादातर वे व्यक्ति हैं, जो बाहर से यात्रा करके लौटे हैं। बाहर से आकर संक्रमितों में पचास वर्ष से कम उम्र वाले मरीज ज्यादा हैं। इस साल की शुरुआत से गांवों में कोरोना के नए मरीज मिलना लगभग कम हो गए थे। लेकिन शहर में संक्रमण के फैलाव के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना ने दोबारा दस्तक दी है। गांधीग्राम, बेलखाड़ू, उमरिया-पाटन, कालदेही-बरगी, हिनौतिया में संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं।

डॉ. जितेन्द्र भार्गव का कहना है कि पिछले वर्ष कोरोना की शुरुआत में लॉकडाउन और उसके बाद जैसे नियम थे, उन्हें अभी याद करने की जरुरत है। उस समय की आदत अभी बनाए रखना होगी। भीड़ से बचकर और बाहर कम से कम निकलकर ही संक्रमण से बचा जा सकता है। मास्क पहनना, दो गज की दूरी और बार-बार हाथ साबुन से धोना जैसे उपाय को जब तक कोरोना समाप्त नहीं हो जाता है, बनाए रखना होगा। अभी भी हम पिछले वर्ष की तरह अनुशासित होकर संक्रमण से सुरक्षित रह सकते हैं।